फौजा सिंह हिट एंड रन मामले में एनआरआई गिरफ्तार, फॉर्च्यूनर जब्त
114 वर्षीय मशहूर धावक फौजा सिंह के साथ हुई हिट एंड रन की घटना में 30 वर्षीय एनआरआई को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। यह एनआरआई उस फॉर्च्यूनर गाड़ी का चालक था, जिसने जालंधर-पठानकोट हाईवे पर फौजा सिंह को टक्कर मारी..
चंडीगढ़। 114 वर्षीय मशहूर धावक फौजा सिंह के साथ हुई हिट एंड रन की घटना में 30 वर्षीय एनआरआई को मंगलवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। यह एनआरआई उस फॉर्च्यूनर गाड़ी का चालक था, जिसने जालंधर-पठानकोट हाईवे पर फौजा सिंह को टक्कर मारी थी। घटना उस समय हुई जब फौजा सिंह अपने पैतृक गांव ब्यास के पास पैदल चल रहे थे। यह गिरफ्तारी हादसे के 30 घंटे के भीतर की गई।
Fauja Singh Ji was extraordinary because of his unique persona and the manner in which he inspired the youth of India on a very important topic of fitness. He was an exceptional athlete with incredible determination. Pained by his passing away. My thoughts are with his family and… — Narendra Modi (@narendramodi) July 15, 2025
वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध फौजा सिंह, जिन्हें 'पगड़ीधारी तूफान' (Turbaned Tornado) के नाम से जाना जाता था, का सोमवार (14 जुलाई 2025) को एक हिट एंड रन दुर्घटना में निधन हो गया। एक एसयूवी ने उन्हें उनके घर ब्यास पिंड के पास टक्कर मार दी। यह हादसा उस समय हुआ जब वे रोज की तरह टहलते हुए अपने परिवार के ढाबे की ओर जा रहे थे। जालंधर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पार करते समय एक टोयोटा फॉर्च्यूनर ने उन्हें टक्कर मारी।
इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर सिर की चोटें आईं। पैरामेडिक्स उन्हें तुरंत जालंधर के एक निजी अस्पताल लेकर गए, जहां शाम को उनकी मृत्यु हो गई। स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान अमृतपाल सिंह ढिल्लों के रूप में हुई है, जो हाल ही में कनाडा से लौटा एक एनआरआई है। पूछताछ में ढिल्लों ने अपना अपराध स्वीकार किया और कहा कि उसे यह अहसास नहीं था कि जिसे उसने टक्कर मारी, वह फौजा सिंह थे — यह जानकारी उसे मीडिया रिपोर्ट्स से मिली।
फौजा सिंह को श्रद्धांजलि और उनके जीवन की कहानी
फौजा सिंह के निधन से पूरे भारत और विश्वभर में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि फौजा सिंह “अपने विशिष्ट व्यक्तित्व के कारण असाधारण थे।”
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने लिखा, “दिग्गज मैराथन धावक और जज़्बे का प्रतीक सरदार फौजा सिंह जी के निधन से अत्यंत दुखी हूं। 114 वर्ष की उम्र में उन्होंने ‘नशा मुक्त, रंगला पंजाब’ मार्च में मेरे साथ अद्वितीय उत्साह से भाग लिया था। उनकी विरासत पंजाब को नशामुक्त बनाने की प्रेरणा देती रहेगी।”
फौजा सिंह का जीवन संघर्ष, प्रेरणा और अद्वितीय उपलब्धियों की कहानी है, जिसने उन्हें एक जीवित किंवदंती बना दिया था।
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