नेपाल चुनाव: बालेंद्र ‘बालेन’ शाह की संभावित जीत का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?

नेपाल में जारी आम चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों में Balendra Shah (बालेन शाह) की पार्टी Rastriya Swatantrata Party (आरएसपी) कई सीटों पर बढ़त बनाती दिखाई दे रही है। इससे 35 वर्षीय बालेन शाह के नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत होती नजर..

नेपाल चुनाव: बालेंद्र ‘बालेन’ शाह की संभावित जीत का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
07-03-2026 - 12:07 PM

नेपाल में जारी आम चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझानों में Balendra Shah (बालेन शाह) की पार्टी Rastriya Swatantrata Party (आरएसपी) कई सीटों पर बढ़त बनाती दिखाई दे रही है। इससे 35 वर्षीय बालेन शाह के नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की संभावना मजबूत होती नजर आ रही है।

नेपाल में गुरुवार को हुए आम चुनावों के बाद अभी मतगणना जारी है। यह चुनाव उस राजनीतिक संकट के बाद कराए गए हैं, जब बड़े पैमाने पर हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के चलते पूर्व प्रधानमंत्री KP Sharma Oli को इस्तीफा देना पड़ा था और संसद भंग कर दी गई थी।

इस चुनावी मुकाबले में पुराने राजनीतिक दल भी मैदान में हैं, जिनमें ओली की पार्टी Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) और Pushpa Kamal Dahal की Communist Party of Nepal (Maoist Centre) शामिल हैं। आलोचकों का मानना है कि ये दल एक पुराने राजनीतिक तंत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसका जनसमर्थन धीरे-धीरे घट रहा है।

बालेन शाह कौन हैं?

35 वर्षीय Balendra Shah, जिन्हें बालेन शाह के नाम से जाना जाता है, नेपाल की राजनीति में तेजी से उभरे युवा नेता हैं। वह पहले एक रैपर थे और बाद में राजनीति में आए।

उन्होंने काठमांडू के पहले निर्दलीय मेयर के रूप में जीत हासिल कर काफी लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने भारत के Visvesvaraya Technological University (कर्नाटक) से मास्टर्स डिग्री प्राप्त की है। युवाओं के बीच उनकी छवि एक बदलाव लाने वाले नेता की बन चुकी है।

भारत को लेकर उनके बयान और विवाद

हालांकि बालेन शाह के कुछ पुराने बयान भारत को लेकर विवादों में रहे हैं।

  • 2023 में उन्होंने नेपाल में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि एक बॉलीवुड फिल्म में देवी Sita को “भारत की बेटी” बताया गया, जबकि कई परंपराओं के अनुसार उनका जन्मस्थान वर्तमान नेपाल या नेपाल-बिहार सीमा के पास माना जाता है।
  • उसी वर्ष उन्होंने अपने कार्यालय में “ग्रेटर नेपाल” का नक्शा लगाया था, जिसमें भारत के कुछ क्षेत्र भी दिखाए गए थे। उन्होंने इसे भारत की संसद भवन में लगे अखंड भारत” के नक्शे के जवाब के रूप में बताया था।
  • 2025 में उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत, अमेरिका और चीन के खिलाफ अपशब्दों वाला पोस्ट किया था, जिसे बाद में आलोचना के बाद हटा दिया गया।

भारत के लिए संभावित संकेत

हाल के समय में बालेन शाह ने कुछ ऐसे कदम भी उठाए हैं, जिन्हें भारत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

उन्होंने अपने चुनावी घोषणा-पत्र से चीन से जुड़े Damak Industrial Park प्रोजेक्ट को हटा दिया। यह परियोजना Belt and Road Initiative (बीआरआई) का हिस्सा मानी जाती थी।

यह कदम भारत के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह परियोजना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Siliguri Corridor के पास स्थित क्षेत्र से जुड़ी है।

संतुलित विदेश नीति की बात

आरएसपी के घोषणा-पत्र में संतुलित विदेश नीति पर जोर दिया गया है। भारत में पढ़ाई कर चुके और अपेक्षाकृत व्यवहारिक माने जाने वाले शाह से उम्मीद की जा रही है कि वे:

  • भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग बढ़ाने
  • बुनियादी ढांचा विकास
  • भ्रष्टाचार विरोधी सुधार

जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दे सकते हैं।

हालांकि, शासन का अनुभव कम होने के कारण उनकी विदेश नीति के फैसले कुछ हद तक अप्रत्याशित भी हो सकते हैं।

नेपाल की राजनीति में संभावित बड़ा बदलाव

अगर Balendra Shah की अगुवाई में सरकार बनती है, तो यह नेपाल की पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था से हटकर युवाओं द्वारा संचालित एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत का संकेत हो सकता है।

इससे नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर भारत-नेपाल संबंधों पर भी पड़ सकता है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।