भारत की ‘अस्त्र मार्क-2’ मिसाइल से चीन-पाकिस्तान में बढ़ी टेंशन: DRDO ने हासिल किया चीनी मिसाइल का फॉर्मूला

हाल के वर्षों में भारत ने अपने हथियारों की क्षमता को न केवल उन्नत किया है बल्कि वह रक्षा उपकरणों का एक बड़ा निर्यातक देश बनकर उभरा है। कई देश अब ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी के साथ, भारत ने स्वदेशी तकनीक से घातक मिसाइलें और लड़ाकू विमान विकसित करने के प्रयास भी तेज..

भारत की ‘अस्त्र मार्क-2’ मिसाइल से चीन-पाकिस्तान में बढ़ी टेंशन: DRDO ने हासिल किया चीनी मिसाइल का फॉर्मूला
19-10-2025 - 12:14 PM

नयी दिल्ली। हाल के वर्षों में भारत ने अपने हथियारों की क्षमता को न केवल उन्नत किया है बल्कि वह रक्षा उपकरणों का एक बड़ा निर्यातक देश बनकर उभरा है। कई देश अब ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसी के साथ, भारत ने स्वदेशी तकनीक से घातक मिसाइलें और लड़ाकू विमान विकसित करने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अब अपने स्वदेशी अस्त्र मार्क-2’ मिसाइल प्रोजेक्ट को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इसमें चीन की PL-15 मिसाइल के कुछ उन्नत फीचर्स शामिल किए जा रहे हैं। आइए जानें पूरा मामला—

क्यों शामिल किए जा रहे हैं चीनी PL-15 मिसाइल के फीचर्स?

यह निर्णय तब लिया गया जब पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन निर्मित PL-15E मिसाइल दागी थी। यह मिसाइल पाकिस्तान के JF-17 या J-10C फाइटर जेट से छोड़ी गई थी, लेकिन लक्ष्य भेदने में विफल रही और पंजाब के होशियारपुर के पास एक खेत में गिर गई।

पंजाब में मिली थी चीनी PL-15 मिसाइल

9 मई को यह PL-15E मिसाइल खेत में बिना फटे और पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में मिली। इसमें Self-Destruct Mechanism यानी आत्म-विनाशक प्रणाली नहीं थी, जो भारतीय मिसाइलों में मौजूद होती है।
भारतीय वैज्ञानिकों ने इस मिसाइल की गहराई से जांच और परीक्षण किया। विश्लेषण के बाद DRDO ने फैसला किया कि इस चीनी मिसाइल की कई उन्नत तकनीकों को अब भारत की अस्त्र मार्क-2’ मिसाइल में शामिल किया जाएगा।

मुख्य बिंदु (HIGHLIGHTS)

  • DRDO ने चीनी PL-15E मिसाइल का विश्लेषण करने के बाद अस्त्र मार्क-2’ को अपग्रेड करने का निर्णय लिया।
  • यह मिसाइल पंजाब के होशियारपुर से बिना फटी अवस्था में बरामद हुई थी।
  • DRDO को इस चीनी मिसाइल में कई उन्नत तकनीकें मिलीं, जैसे:
    • AESA रडार (Active Electronically Scanned Array)
    • Mach 5 (ध्वनि की गति से 5 गुना) स्पीड
    • Anti-Jamming Technology (विघ्न-रोधी प्रणाली)
  • पाकिस्तान अब चीन से PL-17 मिसाइल और तुर्की से YIHA ड्रोन खरीदने की कोशिश कर रहा है।

क्या चीनी हथियारों में वाकई उन्नत फीचर्स हैं?

DRDO ने अभी तक अपने विश्लेषण रिपोर्ट का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है, जो उसने रक्षा मंत्रालय को सौंपी है।
हालांकि हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, जांच में चीनी मिसाइल में कई तकनीकी खूबियां सामने आईं, जिनमें शामिल हैं—

  • छोटा आकार वाला Active Electronically Scanned Array (AESA) Radar
  • Mach 5 से अधिक गति बनाए रखने में सक्षम एडवांस प्रोपल्शन सिस्टम
  • Anti-Jamming Technology (जो दुश्मन के रडार व्यवधानों से बचा सके)
  • अत्याधुनिक रडार डिटेक्शन सिस्टम

अब ये सभी उन्नत तकनीकें भारत के स्वदेशी अस्त्र’ मिसाइल विकास कार्यक्रम में जोड़ी जा रही हैं।

पाकिस्तान क्यों चाहता है PL-17 मिसाइल?

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान एयर फोर्स चीन के साथ लॉन्ग-रेंज PL-17 मिसाइल खरीदने पर बातचीत कर रही है। इसके अलावा, पाकिस्तान तुर्की से करीब 2,000 YIHA आत्मघाती ड्रोन (Suicide Drones) खरीदने की कोशिश में है और उसने अमेरिका को भी उन्नत हथियारों की एक सूची सौंपी है।

निष्कर्ष:
भारतीय DRDO का यह कदम न केवल देश की मिसाइल क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि भारत अब किसी भी विदेशी तकनीक का मुकाबला अपनी स्वदेशी तकनीकी शक्ति से कर सकता है। इससे चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए नई रणनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।