सचिन पायलट से रिश्तों पर अशोक गहलोत बोले: "हम कब दूर थे?"—पूर्व डिप्टी से सुलह के संकेत
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को अपने एक समय के कट्टर प्रतिद्वंद्वी और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ संभावित सुलह के संकेत दिए..
नयी दिल्ली। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को अपने एक समय के कट्टर प्रतिद्वंद्वी और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के साथ संभावित सुलह के संकेत दिए। गहलोत ने कहा कि "हम कभी दूर थे ही नहीं।"
दौसा में आयोजित पूर्व केंद्रीय मंत्री और सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि कार्यक्रम में पहुंचे गहलोत ने कहा, "हम कब दूर थे? हमारे बीच प्रेम और स्नेह हमेशा बना रहेगा।"
आज दौसा के राजेश पायलट पॉलिटेक्निक कॉलेज में पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. श्री राजेश पायलट की 25वीं पुण्यतिथि पर आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। pic.twitter.com/uByMtdZrjG — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 11, 2025
इस कार्यक्रम में राजेश पायलट के जीवन और योगदान पर आधारित एक प्रदर्शनी और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ था। इसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य नेता मौजूद रहे।
गहलोत-पायलट विवाद की पृष्ठभूमि:
- यह तनातनी दिसंबर 2018 से शुरू हुई जब कांग्रेस ने राजस्थान में बीजेपी को हराकर सत्ता में वापसी की।
- तब सचिन पायलट राज्य कांग्रेस अध्यक्ष थे और उनकी मेहनत को जीत का बड़ा श्रेय मिला।
- लेकिन कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद के लिए अशोक गहलोत को चुना, और पायलट को डिप्टी सीएम बनाया गया।
- जुलाई 2020 में सचिन पायलट ने गहलोत के खिलाफ बगावत कर दी, लेकिन वह असफल रही।
- इसके बाद कांग्रेस ने पायलट को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों पदों से हटा दिया।
अब अशोक गहलोत के इस बयान को पायलट के साथ रिश्तों में नरमी और मेल-मिलाप की संभावनाओं के रूप में देखा जा रहा है।
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