'एक मंदिर, एक श्मशान': आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का सामाजिक एकता का आह्वान; कांग्रेस ने समाज को बांटने का आरोप लगाया
दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक एकता की अपील करते हुए कहा है कि समाज में "एक मंदिर, एक कुआं और एक श्मशान भूमि" की भावना अपनाई जानी चाहिए ताकि सबके लिए समानता सुनिश्चित हो सके।
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने सामाजिक एकता की अपील करते हुए कहा है कि समाज में "एक मंदिर, एक कुआं और एक श्मशान भूमि" की भावना अपनाई जानी चाहिए ताकि सबके लिए समानता सुनिश्चित हो सके।
वहीं, कांग्रेस ने आरएसएस पर समाज में विभाजन फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस की एक "साजिश" है।
वास्तविकता यह है कि भागवत ने "संस्कार" (मूल्य/नैतिकता) को हिंदू समाज की नींव बताते हुए कहा कि समाज को परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों पर आधारित होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों को सामूहिक रूप से मनाना चाहिए, जिससे राष्ट्र गौरव मजबूत हो और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिले।
भागवत ने स्वयंसेवकों को आह्वान किया कि वे समाज के सभी वर्गों से जुड़ें, उन्हें अपने घर बुलाएं और स्थानीय स्तर पर सौहार्द व एकता को बढ़ावा दें।
अलीगढ़ की अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दौरान, उन्होंने दो शाखाओं — एक एचबी इंटर कॉलेज में और दूसरी पंचन नगरी पार्क में — स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक शांति में अपनी भूमिका निभाने के लिए वास्तविक सामाजिक एकता जरूरी है।
"भाजपा-आरएसएस गरीबों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के खिलाफ" — खड़गे का आरोप
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा-आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये संगठन गरीबों, महिलाओं और समाज के कमजोर तबकों के खिलाफ हैं।
बिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "ये (भाजपा-आरएसएस) गरीबों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के खिलाफ हैं। ये समाज के उत्थान के बारे में सोच ही नहीं सकते। ये जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटने में विश्वास करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "संसद में पारित किया गया वक्फ (संशोधन) विधेयक भाजपा और आरएसएस की एक सोची-समझी साजिश है, जिससे समुदायों के बीच फूट डाली जा सके।"
"क्या आरएसएस कभी दलित, मुस्लिम या महिला प्रमुख बनाएगा?"
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सापकाल ने हाल ही में सवाल उठाया था कि "आरएसएस कब किसी दलित, मुस्लिम या महिला को अपना प्रमुख बनाएगा?"
यह बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के जवाब में दिया था जिसमें उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी थी कि अगर वह मुस्लिम समुदाय का वास्तव में समर्थन करती है, तो उसे किसी मुस्लिम को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का अध्यक्ष बनाना चाहिए।
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