ट्रंप की टैरिफ नीति पर ब्रिक्स बैठक, ब्राजील के लूला मेजबान; पीएम मोदी नहीं होंगे शामिल

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा 8 सितंबर को बुलाई जाने वाली ब्रिक्स देशों के नेताओं की वर्चुअल बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं, बल्कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। इस बैठक में ट्रंप की टैरिफ नीति से निपटने के उपायों और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी तथा बैठक के बाद एक संयुक्त बयान भी जारी..

ट्रंप की टैरिफ नीति पर ब्रिक्स बैठक, ब्राजील के लूला मेजबान; पीएम मोदी नहीं होंगे शामिल
06-09-2025 - 09:19 AM

नयी दिल्ली। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा 8 सितंबर को बुलाई जाने वाली ब्रिक्स देशों के नेताओं की वर्चुअल बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं, बल्कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे। इस बैठक में ट्रंप की टैरिफ नीति से निपटने के उपायों और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी तथा बैठक के बाद एक संयुक्त बयान भी जारी हो सकता है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की कि जयशंकर वर्चुअल सम्मेलन में शामिल होंगे।

ब्राजील इस बैठक को अमेरिका-विरोधी सम्मेलन के रूप में पेश नहीं कर रहा है, लेकिन मोदी का इसमें शामिल न होना, जबकि भारत अगले वर्ष ब्रिक्स अध्यक्षता संभालने जा रहा है, यह संकेत देता है कि वे अपनी हालिया SCO शिखर सम्मेलन में भागीदारी को संतुलित करना चाहते हैं। उस सम्मेलन को वाशिंगटन के साथ व्यापार संकट के बीच भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के दोबारा प्रदर्शन के रूप में देखा गया था।

भारत की ब्रिक्स में भागीदारी पर हमला बोलते हुए अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने शुक्रवार को कहा कि भारत को या तो डॉलर और अमेरिका का समर्थन करना चाहिए, अन्यथा उसे 50% टैरिफ चुकाने के लिए तैयार रहना होगा। विडंबना यह है कि ब्रिक्स के भीतर भारत हमेशा स्पष्ट रूप से डी-डॉलराइजेशन’ की अवधारणा को खारिज करता रहा है और इसे अपनी रणनीति का हिस्सा नहीं मानता।

मोदी ने हाल ही में तियानजिन में हुए SCO शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ करीबी दिखाकर इस धारणा को और पुष्ट किया कि ट्रंप की व्यापार नीति भारत को चीन की ओर धकेल रही है।

हालांकि विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को दोहराया कि भारत अमेरिका के साथ अपने संबंधों को महत्वपूर्ण मानता है और दोनों देशों के बीच तय किए गए ठोस एजेंडे को आगे बढ़ाता रहेगा। भारत को उम्मीद है कि यह संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर आगे बढ़ेगा, भले ही ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर भारत-विरोधी बयानबाजी करते रहें।

जहां ब्राजील और भारत दोनों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने 50% टैरिफ लगाया है, वहीं ब्राजील के मामले में यह ज्यादा राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है न कि व्यापार का। ट्रंप ने ब्राजील को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वहां उनके राजनीतिक सहयोगी, दक्षिणपंथी नेता और पूर्व राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। भारत पर इसके अलावा रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण 25% अतिरिक्त शुल्क भी लगाया गया है। फिलहाल ब्राजील ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस बैठक में अन्य कौन से नेता शामिल होंगे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।