सिंधु जल संधि अब कभी बहाल नहीं होगी, पानी राजस्थान तक जाएगा: अमित शाह
पाकिस्तान के खिलाफ भारत के कड़े रुख का संकेत देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा है कि सिंधु जल संधि अब कभी बहाल नहीं की जाएगी। एक इंटरव्यू में शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 1960 की इस संधि को पाकिस्तान की शांति और विकास के मूल सिद्धांतों..
नयी दिल्ली। पाकिस्तान के खिलाफ भारत के कड़े रुख का संकेत देते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा है कि सिंधु जल संधि अब कभी बहाल नहीं की जाएगी। एक इंटरव्यू में शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 1960 की इस संधि को पाकिस्तान की शांति और विकास के मूल सिद्धांतों का बार-बार उल्लंघन करने के कारण स्थगित कर दिया है।
शाह ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय संधियों को एकतरफा रद्द नहीं किया जा सकता, लेकिन हमें उसे स्थगित करने का अधिकार है और हमने वही किया है।”
'अब पानी भारत को मिलेगा, पाकिस्तान को नहीं'
शाह ने कहा कि जो पानी अब तक "अन्यायपूर्ण रूप से" पाकिस्तान को मिल रहा था, अब उसे भारत में राजस्थान जैसे राज्यों की ओर मोड़ा जाएगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “पानी राजस्थान तक जाएगा।” शाह ने दो टूक कहा, भारत अब नहर बनाकर अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा, “हम उस पानी का उपयोग करेंगे जो भारत का हक है। पाकिस्तान को वह पानी अब नहीं मिलेगा जो उसे अनुचित तरीके से मिलता रहा है।”
कश्मीर में आतंकी हमलों के बाद फैसला
पहलगाम समेत कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों के बाद यह फैसला लिया गया है। शाह ने कहा कि “भारतीय पर्यटकों पर हमला पाकिस्तान की एक सुनियोजित कोशिश थी ताकि घाटी में शांति बहाल न हो सके।”
उन्होंने आगे बताया कि हमले के बाद हर कस्बे में विरोध प्रदर्शन हुए, जो इस बात का संकेत हैं कि कश्मीरी युवाओं को अब साजिशें समझ में आने लगी हैं।
ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष की आलोचना का जवाब
ऑपरेशन सिंदूर और भारत के जवाबी हमलों पर कांग्रेस की आलोचना को खारिज करते हुए शाह ने कहा कि भारत ने "पाकिस्तानी एयरबेस पर नुकसान पहुंचाया है", जबकि नागरिक इलाकों को नहीं छुआ गया। शाह ने दावा किया कि “हमारी एजेंसियों और वैज्ञानिकों ने सटीक हथियार प्रणाली विकसित की है। हमारी सेना ने पूरी ताकत से हमला किया। पाकिस्तान ने जल्द ही हमले रुकवाने की मांग की।”
'आतंकी हमला युद्ध माना जाएगा'
शाह ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भविष्य में अगर भारत पर कोई आतंकी हमला होता है, तो उसे "युद्ध के रूप में देखा जाएगा"। उन्होंने स्पष्ट किया,“प्रधानमंत्री मोदी बार-बार कह चुके हैं, इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।” शाह ने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने कोई नयी हरकत की, तो भारत पूरी ताकत से जवाब देगा।
पर्यटकों को भरोसा और राज्य का भविष्य
कश्मीर में पर्यटकों को लेकर उन्होंने कहा कि घाटी में विश्वास लौट आया है, इसलिए अलग से आश्वासन देने की जरूरत नहीं है।
राज्य का दर्जा बहाल करने पर शाह ने कहा कि यह “उपयुक्त समय” पर किया जाएगा, यह वही बात है जो प्रधानमंत्री मोदी पहले कह चुके हैं। उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हमने निष्पक्ष चुनाव कराए और अनुच्छेद 370 को हटाकर अलगाववाद की छिपी भावना को खत्म कर दिया।”
'भारत कोई धर्मशाला नहीं है': राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
देश की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ी बात करते हुए शाह ने कहा कि जल, सीमा और आतंकवाद — किसी मोर्चे पर भारत की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा, “भारत कोई धर्मशाला नहीं है। अगर आपको भारत आना है, तो वैध वीज़ा लेना होगा।”
उन्होंने ज़ोर दिया कि मोदी सरकार की नीति राष्ट्रीय हित के साथ कोई समझौता नहीं करने की है।
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