राजस्थान के मुख्यमंत्री ने पोंग डैम को 1,400 फीट तक भरने के लिए शीघ्र निर्णय की मांग की
राजस्थान सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि पोंग डैम से राज्य को उसके निर्धारित हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध कराया जाए। इस डैम से पानी प्राप्त करने वाले तीन साझेदार राज्य हैं — राजस्थान, पंजाब और हरियाणा।
नयी दिल्ली। राजस्थान सरकार ने केंद्र से आग्रह किया है कि पोंग डैम से राज्य को उसके निर्धारित हिस्से का पूरा पानी उपलब्ध कराया जाए। इस डैम से पानी प्राप्त करने वाले तीन साझेदार राज्य हैं — राजस्थान, पंजाब और हरियाणा।
यह मुद्दा नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण में प्रमुखता से उठाया गया।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की ब्यास नदी पर बना यह मिट्टी से भरा हुआ तटबंध डैम अधिकतम 1,400 फीट की जलस्तर क्षमता रखता है। लेकिन, डैम को चालू हुए 51 वर्ष हो चुके हैं, फिर भी अब तक एक भी बार डैम को 1,400 फीट तक नहीं भरने दिया गया, चाहे मानसून अच्छा ही क्यों न रहा हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस कारण, राजस्थान और अन्य साझेदार राज्यों को, डैम में उपलब्ध पानी के अनुपात में, उनके निर्धारित हिस्से से कम पानी मिल रहा है।”
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से डैम को 1,400 फीट तक भरने के लिए शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
अन्य मांगें भी रखीं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी मांग की कि नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल फिरोज़पुर फीडर की 51.5 किलोमीटर लंबाई की लाइनिंग के लिए जल्द से जल्द स्वीकृति जारी करे।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को अतिरिक्त 44 गीगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए बिजली निकासी (evacuation) की योजना को जल्द तैयार करने की आवश्यकता है, ताकि राजस्थान के लिए तय किए गए 115 गीगावॉट ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
राजस्थान सरकार की उपलब्धियों की जानकारी भी दी
मुख्यमंत्री ने नीति आयोग को अपने सरकार की विभिन्न क्षेत्रों में की गई पहलों की जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं:
- उद्योगों का विकास (औद्योगिकीकरण)
- जल आपूर्ति
- पर्यटन क्षेत्र में सुधार
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