शशि थरूर अमेरिका, असदुद्दीन ओवैसी सऊदी अरब: भारत का आतंकवाद-विरोधी संदेश लेकर कौन जाएगा कहां
केंद्र सरकार ने शनिवार को सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की सूची जारी की है, जो दुनिया के अलग-अलग देशों की यात्रा कर भारत का “आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस” का संदेश पहुंचाएंगे..
नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की सूची जारी की है, जो दुनिया के अलग-अलग देशों की यात्रा कर भारत का “आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस” का संदेश पहुंचाएंगे। ये अभियान ऑपरेशन सिंदूर के तहत चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 7 मई को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले महीने हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी।
इन सात प्रतिनिधिमंडलों में कुल 59 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 31 नेता सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से और 20 नेता विपक्षी दलों से हैं। इनके साथ पूर्व राजनयिक भी रहेंगे।
इन प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व निम्नलिखित नेता करेंगे:
- बैजयंत जय पांडा (बीजेपी सांसद)
- रविशंकर प्रसाद (बीजेपी सांसद)
- शशि थरूर (कांग्रेस सांसद)
- संजय झा (जेडीयू सांसद)
- शिवसेना के श्रीकांत शिंदे
- डीएमके की कनिमोळी करुणानिधि
- एनसीपी (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले
प्रतिनिधिमंडल 23 मई से अपनी यात्रा शुरू करेंगे और 32 देशों व यूरोपीय संघ (EU) मुख्यालय ब्रसेल्स का दौरा करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल और उनके गंतव्य देश
समूह 1: सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया
- बैजयंत पांडा (बीजेपी)
- निशिकांत दुबे (बीजेपी)
- फंगनोन कोन्याक (बीजेपी)
- रेखा शर्मा (बीजेपी)
- सतनाम सिंह संधू (नामित सांसद)
- गुलाम नबी आज़ाद (पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व J&K मुख्यमंत्री)
- राजदूत हर्ष श्रृंगला
समूह 2: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क
- रविशंकर प्रसाद (बीजेपी)
- दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (बीजेपी)
- प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT)
- गुलाम अली खटाना (नामित सांसद)
- अमर सिंह (कांग्रेस)
- समीक भट्टाचार्य (बीजेपी)
- एमजे अकबर (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
- राजदूत पंकज सरन
समूह 3: इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर
- संजय झा (जेडीयू)
- अपराजिता सारंगी (बीजेपी)
- यूसुफ पठान (टीएमसी)
- बृजलाल (बीजेपी)
- जॉन ब्रिटास (CPI-M)
- प्रदन बरुआ (बीजेपी)
- हेमांग जोशी (बीजेपी)
- सलमान खुर्शीद (कांग्रेस)
- राजदूत मोहन कुमार
समूह 4: यूएई, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन
- श्रीकांत शिंदे (शिवसेना)
- बांसुरी स्वराज (बीजेपी)
- मोहम्मद बशीर (IUML)
- सुप्रिया सुले (NCP - शरद पवार गुट)
- राजीव प्रताप रूडी (बीजेपी)
- विक्रमजीत सिंह साहनी (आप)
- मनीष तिवारी (कांग्रेस)
- अनुराग ठाकुर (बीजेपी)
- लवु श्रीकृष्ण देवरायालु (टीडीपी)
- आनंद शर्मा (कांग्रेस)
- वी मुरलीधरन (बीजेपी)
- राजदूत सैयद अकबरुद्दीन
भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस अभियान में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के 9 ठिकानों को ध्वस्त किया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया।
इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए, लेकिन भारत ने उन्हें सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। फिर भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए।
लगातार चार दिन की ड्रोन-मिसाइल लड़ाई के बाद, 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हुआ और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल रोका गया।
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