‘जूते से पीटना चाहिए’: रेलवे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न बुलाए जाने पर सपा सांसद सनातन पांडे का विवादित बयान
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में आयोजित एक रेलवे कार्यक्रम में उन्हें मुख्य अतिथि न बनाए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया।इसके बाद उन्होंने अधिकारियों पर हमला बोलते हुए कहा, “अगर अधिकारी अपना काम नहीं करेंगे तो क्या उन्हें जूते नहीं खाने चाहिए (‘अधिकारी काम नहीं करेंगे तो जूता नहीं खाएंगे’)? मुकदमा दर्ज करो, जो करना है करो, मैं उसका सामना करने को तैयार हूं लेकिन मैं सरकार और उसके प्रतिनिधियों के सामने झुकने को तैयार नहीं..
लखनऊ/बलिया। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में आयोजित एक रेलवे कार्यक्रम में उन्हें मुख्य अतिथि न बनाए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया। उन्होंने अधिकारियों पर तीखी टिप्पणी करते हुए उन पर अपने कर्तव्यों का पालन न करने का आरोप लगाया।
यह कार्यक्रम फेफना रेलवे स्टेशन पर आयोजित किया गया था, जहां उत्तर प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था। मिश्रा, जो बलिया के प्रभारी मंत्री भी हैं, ने बाद में अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए अपना दौरा रद्द कर दिया।
शुक्रवार रात फेफना क्षेत्र के बघेजी गांव में एक सभा को संबोधित करते हुए सनातन पांडे ने कहा कि जब केंद्र सरकार किसी राज्य में कोई परियोजना शुरू करती है, तो उस क्षेत्र के स्थानीय सांसद को मुख्य अतिथि बनाया जाता है, चाहे वह सांसद सत्तारूढ़ दल का हो या विपक्ष का। उन्होंने कहा, “आज इस सरकार ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है।”
अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बलिया सांसद ने कहा, “मेरा मन कर रहा है कि उस कार्यक्रम में जाकर कुर्सी ही उठा कर फेंक दूं। लोग कहते हैं कि मैं हमेशा झगड़े मोल लेता रहता हूं।”
इसके बाद उन्होंने अधिकारियों पर हमला बोलते हुए कहा, “अगर अधिकारी अपना काम नहीं करेंगे तो क्या उन्हें जूते नहीं खाने चाहिए (‘अधिकारी काम नहीं करेंगे तो जूता नहीं खाएंगे’)? मुकदमा दर्ज करो, जो करना है करो, मैं उसका सामना करने को तैयार हूं लेकिन मैं सरकार और उसके प्रतिनिधियों के सामने झुकने को तैयार नहीं हूं।”
सनातन पांडे की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कहा कि यह कार्यक्रम एक ट्रेन के ठहराव (स्टॉपेज) से जुड़ा था और रेलवे मंत्री की ओर से जारी पत्र के अनुसार दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ को मुख्य अतिथि नियुक्त किया गया था।
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