सादगी की ‘मूर्ति’: तीसरी कतार में बैठी थी इंग्लैंड की फर्स्ट लेडी..! पहचानते ही अफसरों ने बिठाया सबसे आगे विदेश मंत्री के साथ

<p><em><strong>ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक की पत्नी अक्षता मूर्ति अपने माता-पिता की तरह ही सादगी से रहती हैं। बिना किसी तामझाम और सुरक्षा के बिना वह अपनी मां सुधा मूर्ति के पद्म सम्मान में राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं।</strong></em></p>

सादगी की ‘मूर्ति’: तीसरी कतार में बैठी थी इंग्लैंड की फर्स्ट लेडी..! पहचानते ही अफसरों ने बिठाया सबसे आगे विदेश मंत्री के साथ
08-04-2023 - 10:46 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

इंफोसिस के फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति की सादगी की तस्वीरें हर बार दिख जाती हैं। बुधवार को राष्ट्रपति भवन में भी ये तस्वीर दिखी। दरअसल, सुधा को पद्म भूषण सम्मान मिलना था। इस सम्मान समारोह का साक्षी बनने सुधा के परिवार के लोग भी शामिल होने आए थे। सुधा की बेटी और ब्रिटेन की प्रथम महिला अक्षता मूर्ति इस कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं और वह बिना किसी दिखावे के अपने पिता के साथ बीच की लाइन में बैठी हुई थीं। तभी अधिकारियों की नजर अक्षता पर जाती है और फिर उन्हें तत्काल आगे की सीट पर बैठाया जाता है। हालांकि मूर्ति परिवार इसके बाद भी बीच की लाइन में ही बैठा रहा।
पलक झपकते अधिकारी हुए एक्टिव
पद्म सम्मान में जैसे ही अधिकारियों के अक्षता मूर्ति के बारे में जानकारी मिली वो एक्टिव हो गए। ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक की पत्नी होने के नाते वह ब्रिटेन की फर्स्ट लेडी का दर्जा रखती हैं। यानी वह सुधा मूर्ति की बेटी की जगह प्रोटोकॉल के दर्जे में शामिल हो गई थीं। राष्ट्रपति भवन में मौजूद अधिकारी प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए अक्षता को तुरंत आगे की लाइन में ले आए और समारोह शुरू होने से पहले उन्हें विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बगल में बैठाया।
इसे ही तो कहते हैं सादगी
दरअसल, अक्षता जब अपने पिता नारायण मूर्ति, भाई रोहन मूर्ति और मां सुधा की बहन के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंची थीं। उनके साथ कोई ब्रिटिश सुरक्षा भी नहीं थी। आम तौर पर जब किसी देश की कोई फर्स्ट लेडी किसी दूसरे देश में जाती हैं तो उनके पास सुरक्षा जरूर होती है। लेकिन अक्षता के पास कोई सुरक्षा घेरा नहीं था। हालांकि, अधिकारियों ने न केवल अक्षता को ही आगे की लाइन में बैठाया और उनके परिवार के अन्य सदस्य बीच की लाइन में ही बैठे रहे। दरअसल, मूर्ति फैमिली हमेशा सादगी के लिए जानी जाती है और सुर्खियों से दूर रहती है।
मूर्ति को पहली पंक्ति में बैठाया
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनके परिवार के लोग भी इसी पंक्ति में बैठे थे। अक्षता को जयशंकर की बगल में बैठाया गया था। इस लाइन में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर भी थे। जब कार्यक्रम के शुरुआत और अंत में राष्ट्रगान की धुन बजाया गया तो अक्षता जयशंकर के साथ ही खड़ी थीं।
सुधा मूर्ति को मिला पद्म भूषण
गौरतलब है कि सुधा मूर्ति को सामाजिक कार्य के लिए पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया है। जब मां सुधा का नाम अवॉर्ड के लिए पुकारा गया तो अक्षता ताली बजाती नजर आईं। जबकि बीच की लाइन में बैठे सुधा के पति नारायण और बेटे रोहन भी खुशी के ताली बजाते दिखे। अक्षता की 2009 में ऋषि सुनक से शादी हुई थी। उनके दो बच्चे हैं।
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।