'अगर हिम्मत है तो KFC भी बंद करो': बीजेपी के आरोपों पर आप की चुनौती

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती दी है कि अगर नवरात्रि के दौरान खुले मीट की दुकानों से धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं, तो दिल्ली में केएफसी (KFC) और शराब की दुकानों को भी बंद किया जाए..

'अगर हिम्मत है तो KFC भी बंद करो': बीजेपी के आरोपों पर आप की चुनौती
28-03-2025 - 07:59 AM

नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती दी है कि अगर नवरात्रि के दौरान खुले मीट की दुकानों से धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं, तो दिल्ली में केएफसी (KFC) और शराब की दुकानों को भी बंद किया जाए। यह प्रतिक्रिया तब आई जब बीजेपी विधायक रविंद्र नेगी ने विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाया।

PWD मंत्री ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने सभी विधायकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में PWD सड़कों पर अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों की जानकारी सरकार को दें। वर्मा ने कहा कि दिल्ली के किसी भी हिस्से में यदि अतिक्रमण होगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विधायकों से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की ऐसी दुकानों की सूची तैयार कर उन्हें सौंपने के लिए कहा। वर्मा ने आश्वासन दिया कि जब अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा, तो वह खुद इसकी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा, "दिल्ली में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

आप की KFC और शराब की दुकानों को बंद करने की मांग
बीजेपी विधायक रविंद्र नेगी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानें धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही हैं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, "दिल्ली में विभिन्न देशों के दूतावास हैं, वहाँ मांस और मछली पकाए जाते हैं। कई विदेशी गेस्ट हाउस हैं, वहाँ भी मांस पकाया जाता है। केएफसी के आउटलेट खुले हैं, बीजेपी नेताओं के रेस्तरां भी खुले हैं, अगर हिम्मत है तो उन्हें बंद करके दिखाएँ। नवरात्रि के दौरान शराब की दुकानें क्यों खुली हैं? पूरी नवरात्रि के लिए शराब की दुकानें भी बंद करो..."

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।