कुपवाड़ा में आतंकवादियों द्वारा गोली मारे गए सामाजिक कार्यकर्ता की मौत; पाकिस्तान ने फिर किया संघर्षविराम उल्लंघन
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के पांच दिन बाद भी सुरक्षाबलों द्वारा पूरी घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान जारी हैं। इस बीच, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इस भयावह हमले पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं..
श्रीनगर। पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के पांच दिन बाद भी सुरक्षाबलों द्वारा पूरी घाटी में आतंकवाद विरोधी अभियान जारी हैं। इस बीच, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इस भयावह हमले पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं, जबकि अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने भारतीय सरकार को पूर्ण समर्थन देने की पेशकश की है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जम्मू-कश्मीर में सभी ट्रैकिंग गतिविधियों को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तान द्वारा बार-बार किए जा रहे संघर्षविराम उल्लंघन और भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई के चलते तनाव और बढ़ गया है।
बिगड़ते द्विपक्षीय संबंधों के बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को “निष्पक्ष और विश्वसनीय” जांच में भाग लेने की पेशकश की, जबकि भारत ने इस भयावह हमले के लिए इस्लामाबाद पर "सीमा पार आतंकवाद" को समर्थन देने का आरोप लगाया।
स्थिति तब और जटिल हो गई जब रविवार तड़के, अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी बलों ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के कई स्थानों पर बिना किसी उकसावे के लगातार तीसरी रात गोलीबारी कर संघर्षविराम का उल्लंघन किया।
सिंधु जल संधि पर भारत का कदम
शुक्रवार को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पाकिस्तान के साथ 1960 में हुई सिंधु जल संधि के भविष्य पर चर्चा के लिए एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
भारत का यह निर्णय पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आया है, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए नई दिल्ली में एक कैंडल मार्च का नेतृत्व किया।
भारत का रुख
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव, विशेष रूप से एलओसी से हो रही गोलीबारी के मद्देनजर, केंद्रीय मंत्री पाटिल ने जोर देकर कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि सिंधु नदी की एक भी बूंद पानी पाकिस्तान न जाए।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस दिशा में कई सुझावों पर विचार किया गया, जिनमें बांधों की सिल्टिंग हटाना, नदी के जल प्रवाह को मोड़ना और नए बांधों का निर्माण करना शामिल है।
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