नीरव मोदी को बड़ा झटका, ब्रिटेन की अदालत ने प्रत्यर्पण मामला फिर खोलने की याचिका खारिज की
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बुधवार को एक और कानूनी झटका लगा, जब लंदन स्थित हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कार्यवाही दोबारा शुरू करने की उनकी याचिका खारिज कर..
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बुधवार को एक और कानूनी झटका लगा, जब लंदन स्थित हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस, किंग्स बेंच डिवीजन ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ कार्यवाही दोबारा शुरू करने की उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यह आवेदन “असाधारण परिस्थितियों” (exceptional circumstances) की आवश्यक सीमा को पूरा नहीं करता।
इस मामले में याचिका का विरोध क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने किया, जिसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम का भी समर्थन मिला, जो सुनवाई के लिए लंदन पहुंची थी।
अधिकारियों के अनुसार, याचिका में मुख्य रूप से संजय भंडारी से जुड़े मामले के घटनाक्रम का हवाला दिया गया था, लेकिन भारतीय एजेंसियों ने समन्वित कानूनी और जांच प्रयासों से इन तर्कों को खारिज कर दिया।
नीरव मोदी मार्च 2019 से ब्रिटेन की हिरासत में हैं, जब उन्हें पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियां, खासकर CBI, 2018 से उनके प्रत्यर्पण के प्रयास में लगी हुई हैं।
ब्रिटेन की अदालतें पहले ही उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं और कई अपीलों को खारिज कर चुकी हैं। साथ ही, भारत सरकार द्वारा जेल की परिस्थितियों और सुरक्षा को लेकर दिए गए आश्वासनों को भी अदालत ने स्वीकार किया था। अगस्त 2025 में प्रत्यर्पण में आ रही एक अस्थायी कानूनी बाधा भी हटा दी गई थी।
अपने ताजा प्रयास में नीरव मोदी ने दलील दी कि नए साक्ष्य “बाद में उत्पन्न घटनाएं” (supervening events) हैं, जिनके आधार पर मामले को फिर से खोला जाना चाहिए। उन्होंने संभावित यातना, जान को खतरा और भारत की जेल व्यवस्था में कमियों का हवाला दिया। इसके लिए उन्होंने भंडारी मामले के फैसले और अमेरिका के विदेश विभाग की 2024 मानवाधिकार रिपोर्ट का भी उल्लेख किया।
हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि ये मूल जोखिम आकलन को किसी भी तरह से महत्वपूर्ण रूप से नहीं बदलते।
इधर भारत में, मुंबई की एक विशेष CBI अदालत ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय को नीरव मोदी से जब्त दो वाहनों की नीलामी की अनुमति दी है, यह कहते हुए कि मुकदमा लंबित रहने के कारण उनकी कीमत घट रही है। नीलामी से प्राप्त राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में सुरक्षित रखा जाएगा।
नीरव मोदी, जिन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है, पर PNB को 6,400 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने का आरोप है। लगातार कानूनी चुनौतियों के बावजूद, ब्रिटेन की अदालतें प्रत्यर्पण आदेश को बरकरार रखे हुए हैं, जिससे उनके भारत लाए जाने की संभावना और मजबूत हो गई है।
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