नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया में 'गोपनीय बाधा' का मामला: ब्रिटेन की अदालत का खुलासा
नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया एक "गोपनीय कानूनी बाधा (Confidential Impediment)" के चलते रुकी हुई है, यह खुलासा लंदन हाई कोर्ट की एक हालिया सुनवाई में हुआ..
लंदन/नयी दिल्ली। नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण प्रक्रिया एक "गोपनीय कानूनी बाधा (Confidential Impediment)" के चलते रुकी हुई है, यह खुलासा लंदन हाई कोर्ट की एक हालिया सुनवाई में हुआ है।
जज माइकल फोर्डहम ने इस हफ्ते नीरव मोदी की ताजा जमानत याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।
कोर्ट में क्या कहा गया?
"एक कानूनी कारण है जो गोपनीय कार्यवाही से जुड़ा हुआ है," – जस्टिस माइकल फोर्डहम, लंदन हाई कोर्ट
- यह बाधा इतनी गोपनीय है कि कोर्ट, भारतीय एजेंसियां और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) भी इसकी पूरी जानकारी में नहीं हैं।
- सिर्फ नीरव मोदी, उनके वकील और UK होम ऑफिस को इसकी जानकारी है।
संभावित कारण: क्या शरण याचिका (Asylum Application) है?
- मीडिया रिपोर्ट्स और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह गोपनीय बाधा संभवतः नीरव मोदी द्वारा दायर की गई शरण याचिका से जुड़ी हो सकती है।
- हालांकि कोर्ट ने इसे औपचारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
नीरव मोदी की हालत और जमानत याचिका
नीरव मोदी के वकीलों ने याचिका में कहा कि:
- वह जेल में मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो रहे हैं।
- जेल में आत्महत्या का खतरा बढ़ गया है।
- मानवता के आधार पर उन्हें जमानत दी जाए।
लेकिन जज ने कहा कि भगोड़ा होने की आशंका अधिक है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
भारत में नीरव मोदी पर चल रहे हैं ये तीन बड़े केस
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एजेंसी |
मामला |
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CBI |
PNB घोटाला से जुड़ा बैंक धोखाधड़ी केस |
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) |
मनी लॉन्ड्रिंग केस |
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CBI |
गवाहों को धमकाने व साक्ष्यों से छेड़छाड़ |
- भारत सरकार ने 2021 में UK से आधिकारिक प्रत्यर्पण मंजूरी प्राप्त कर ली थी।
- लेकिन तब से प्रक्रिया में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है।
कब से जेल में है नीरव मोदी?
- मार्च 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।
- अब तक सभी जमानत याचिकाएं खारिज की जा चुकी हैं।
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