अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक युद्ध रोकने के दावे से पीछे हटे, PM मोदी और जनरल असीम मुनीर को दिया संघर्ष विराम का श्रेय

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने का पहले किया गया दावा कुछ घंटों बाद ही वापस ले लिया और इसका श्रेय "दो बेहद समझदार लोगों" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को दे दिया..

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाक युद्ध रोकने के दावे से पीछे हटे, PM मोदी और जनरल असीम मुनीर को दिया संघर्ष विराम का श्रेय
20-06-2025 - 10:45 AM

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने का पहले किया गया दावा कुछ घंटों बाद ही वापस ले लिया और इसका श्रेय "दो बेहद समझदार लोगों" — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर — को दे दिया, जिन्होंने एक संभावित परमाणु युद्ध को रोकने का निर्णय लिया। उन्होंने अब खुद को किसी भी तरह की मध्यस्थता भूमिका से अलग बताया।

बुधवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के साथ लंच के बाद ट्रंप ने कहा कि वह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों इस युद्ध को समाप्त करने में निर्णायक रहे। ट्रंप ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि दो समझदार लोगों और उनके स्टाफ ने मिलकर इस युद्ध को समाप्त किया," "दो बहुत ही समझदार लोगों ने तय किया कि इस युद्ध को आगे नहीं बढ़ाया जाए, जो परमाणु युद्ध बन सकता था।"

यह बयान उन्होंने बुधवार को दोपहर करीब 3 बजे ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया, जहां वे इटली की जुवेंटस फुटबॉल टीम के सदस्यों से मिल रहे थे। लेकिन इससे महज़ पांच घंटे पहले सुबह 10 बजे, व्हाइट हाउस लॉन में 30 मीटर ऊंचा ध्वज स्तंभ लगने के दौरान ट्रंप ने दावा किया था. "मैंने पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध को रुकवाया।" उन्होंने कई बार दोहराया, "मैंने इसे रुकवाया, लेकिन मुझे इसका श्रेय नहीं मिला।"

भारत का सख्त रुख: "कोई तीसरा पक्ष नहीं"

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका ने किसी भी प्रकार की मध्यस्थता नहीं की है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, मंगलवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान ने ही बातचीत की शुरुआत की थी।

भारत की ठोस कार्रवाई के कारण पाकिस्तान को सैन्य अभियानों को रोकने का अनुरोध करना पड़ा,” पीएम मोदी ने ट्रंप से कहा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

असीम मुनीर से मुलाकात में ट्रंप की बात

बुधवार को लंच के बाद ट्रंप ने कहा, "मैंने उन्हें (मुनीर को) इसलिए बुलाया क्योंकि मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता था कि उन्होंने युद्ध में न जाने का फैसला किया, युद्ध को समाप्त किया।"
"इस व्यक्ति की ओर से पाकिस्तान की तरफ से इसे रोकने में अहम भूमिका रही, और भारत की ओर से प्रधानमंत्री मोदी की।"

ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री को "एक बार फिर धन्यवाद" देते हुए कहा कि वे उनसे हाल ही में बात कर चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि "हम भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर भी काम कर रहे हैं।"

ईरान, पाकिस्तान और इज़राइल को लेकर ट्रंप का बयान

असीम मुनीर के साथ मुलाकात में ट्रंप ने ईरान पर भी चर्चा की, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें “ज्यादा जानकारी” है। पाकिस्तान की वॉशिंगटन स्थित दूतावास ईरान के हितों का अमेरिका में प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक अस्पष्ट ‘अल्टीमेटम’ देते हुए कहा कि वे उसे "आत्मसमर्पण" करने के लिए मजबूर करेंगे, हालांकि इसके तरीकों और परिणामों को स्पष्ट नहीं किया।

इज़राइल के समर्थन और पाकिस्तान के ईरान समर्थक रुख पर उन्होंने कहा, वे (पाकिस्तान) किसी चीज़ से खुश नहीं हैं... पर इसका मतलब ये नहीं कि वे इज़राइल के विरोधी हैं। शायद वे ईरान को और बेहतर समझते हैं।”

पाकिस्तान में सेना की भूमिका और ट्रंप की स्वीकार्यता

जनरल मुनीर को बुलाकर ट्रंप ने यह संदेश दिया कि पाकिस्तान में वास्तविक सत्ता सेना के पास है, और अमेरिका इस सच्चाई को समझता है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वॉशिंगटन ने शुरुआत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बात की थी, लेकिन जल्द ही महसूस किया कि असली निर्णय सेना के पास है, और इसलिए सीधा संपर्क जनरल मुनीर से किया गया।

डेमोक्रेटिक प्रशासन की तुलना में ट्रंप सैन्य शासकों और लोकतंत्र-विहीन नेतृत्व से बात करने में कोई परहेज़ नहीं रखते. जनरल मुनीर को आमंत्रण इसी नीति को दर्शाता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।