धार्मिक पाठ की आड़ में भोपाल में IAS कोच से बंधक बनाकर लूट, पूर्व छात्र समेत 6 गिरफ्तार
दिल्ली स्थित IAS कोचिंग संस्थान की निदेशक शुभ्रा रंजन को कथित तौर पर भोपाल बुलाकर एक किराए के फ्लैट में बंधक बनाया गया और उनसे ₹1.89 करोड़ ट्रांसफर कराए..
जो एक सामान्य व्यावसायिक मुलाकात जैसा दिख रहा था, वह दरअसल एक सुनियोजित वसूली की साजिश निकला, जिसमें शोर, समय और पहचान को हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया। दिल्ली स्थित IAS कोचिंग संस्थान की निदेशक शुभ्रा रंजन को कथित तौर पर भोपाल बुलाकर एक किराए के फ्लैट में बंधक बनाया गया और उनसे ₹1.89 करोड़ ट्रांसफर कराए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उनकी मदद की आवाज़ को दबाने के लिए वहां सुंदरकांड का पाठ भी करवाया।
कैसे हुई वारदात
पुलिस के मुताबिक पूरी योजना भरोसे और भ्रम पैदा करने पर आधारित थी। मुख्य साजिशकर्ता प्रियांक शर्मा, जो कोचिंग संस्थान का पूर्व छात्र बताया जा रहा है, ने 29 अप्रैल को संचालन विस्तार और सेमिनार के बहाने शुभ्रा रंजन को भोपाल बुलाया।
उन्हें होटल से लेकर बागसेवनिया इलाके के एक फ्लैट में ले जाया गया जिसे इस वारदात के लिए एक दिन पहले ही किराए पर लिया गया था।
बंदूक की नोक पर वसूली
फ्लैट के अंदर पहले से ही हथियारबंद साथी मौजूद थे। पीड़िता को पिस्तौल और देसी कट्टों के बल पर धमकाकर ₹1.89 करोड़ अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। आरोपियों ने डराने के लिए एक वीडियो भी बनवाया ताकि वह पुलिस के पास न जाएं।
धार्मिक पाठ का इस्तेमाल
इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू था धार्मिक आयोजन का इस्तेमाल। आरोपियों ने फ्लैट में सुंदरकांड का पाठ आयोजित किया ताकि अंदर से आने वाली किसी भी आवाज़ को बाहर न सुना जा सके और पड़ोसियों को कोई शक न हो।
पहले से रची गई साजिश
जांच में सामने आया कि इस अपराध को अंजाम देने के लिए आरोपी दतिया और रीवा जैसे शहरों से लोगों को साथ लाए थे, जिससे साफ है कि यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित साजिश थी। मुख्य आरोपी को विश्वास था कि पीड़िता के पास पर्याप्त धन है इसलिए उसने यह योजना बनाई।
शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद 30 अप्रैल को पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई शुरू हुई। पुलिस ने संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कर दिया ताकि रकम निकाली न जा सके और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
अस्पताल में छिपने की कोशिश नाकाम
गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रियांक शर्मा ने खुद को बीमार बताकर AIIMS भोपाल में भर्ती करा लिया लेकिन डॉक्टरों द्वारा हालत सामान्य बताए जाने के बाद उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान उसके परिवार ने हंगामा भी किया।
6 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मोनिका शुक्ला के नेतृत्व में टीमों ने कई जगह छापेमारी कर मुख्य आरोपी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में रोहित मालवीय, दीपक भगत, विकास उर्फ विक्की दहिया, कुनाल यादव और पंकज अहिरवार शामिल हैं। एक आरोपी अभी फरार है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच जारी है।
हथियार बरामद, पैसे लौटाने की प्रक्रिया जारी
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामग्री बरामद कर ली है। साथ ही, फ्रीज की गई राशि को पीड़िता को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
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