‘अमेरिका पूरी तरह तैयार’: डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के बयानों के बाद परमाणु पनडुब्बियाँ तैनात करने का आदेश दिया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका परमाणु खतरों से निपटने के लिए "पूरी तरह तैयार" है। यह बयान रूस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान में सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव द्वारा दिए गए "बेहद भड़काऊ बयानों" के बाद..
न्यू जर्सी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका परमाणु खतरों से निपटने के लिए "पूरी तरह तैयार" है। यह बयान रूस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान में सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव द्वारा दिए गए "बेहद भड़काऊ बयानों" के बाद आया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने एक स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने दो अमेरिकी परमाणु पनडुब्बियों को "उपयुक्त क्षेत्रों" में तैनात करने का आदेश दिया है, ताकि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो उसके लिए तैयार रहा जा सके।
ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब मेदवेदेव ने अमेरिका के हालिया '50 दिन या 10 दिन' वाले अल्टीमेटम को दो परमाणु शक्तियों के बीच सीधा टकराव पैदा करने वाला करार दिया था।
शुक्रवार शाम जब ट्रंप न्यू जर्सी स्थित अपने निजी एस्टेट के लिए व्हाइट हाउस से रवाना हो रहे थे, तब पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "जब आप परमाणु की बात करते हैं, तो तैयार रहना ज़रूरी होता है... और हम पूरी तरह से तैयार हैं।"
जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इन परमाणु पनडुब्बियों को कहाँ तैनात करने का आदेश दिया है, तो उन्होंने जवाब दिया,"मैं यह निर्णय हमारे नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लेता हूँ... हम अपने लोगों की रक्षा करेंगे।" हालाँकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पनडुब्बियाँ किस स्थान पर भेजी गई हैं।
इससे पहले दिन में ट्रंप ने कहा, "मेदवेदेव के बेहद भड़काऊ बयानों को देखते हुए, मैंने दो परमाणु पनडुब्बियों को उपयुक्त क्षेत्रों में तैनात करने का आदेश दिया है, ताकि अगर ये मूर्खतापूर्ण और भड़काऊ बयान सिर्फ बयान न होकर कोई गंभीर इरादा हों, तो हम तैयार रहें।"
उन्होंने चेताया कि शब्दों का वजन होता है और वे अक्सर अनजाने में गंभीर परिणाम ला सकते हैं। उन्होंने कहा, "शब्द बहुत अहम होते हैं और कई बार वे अनचाहे परिणाम पैदा कर सकते हैं। मैं आशा करता हूँ कि इस बार ऐसा न हो।"
यूएस-रूस तनाव बढ़ा, यूक्रेन को लेकर तीखा टकराव
यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए संघर्षविराम की कोशिशें तेज़ कर दी हैं। ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को मॉस्को भेजा है और चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर (जो पहले 50 दिन थे) कोई प्रगति नहीं हुई, तो नयी आर्थिक पाबंदियाँ लगाई जाएँगी। यह नई समय-सीमा अगले सप्ताह समाप्त हो रही है।
तनाव की शुरुआत इसी सप्ताह तब हुई जब मेदवेदेव ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के अल्टीमेटम की मज़ाक उड़ाई। उन्होंने लिखा, "ट्रंप रूस के साथ अल्टीमेटम का खेल खेल रहे हैं: 50 दिन या 10।" और आगे जोड़ा, "उसे दो बातें याद रखनी चाहिए: 1. रूस, इज़राइल या ईरान नहीं है। 2. हर नया अल्टीमेटम एक धमकी है और युद्ध की ओर एक कदम है.. यूक्रेन से नहीं बल्कि उसके अपने देश से।"
इसके जवाब में ट्रंप ने गुरुवार को सुबह मेदवेदेव को "रूस का असफल पूर्व राष्ट्रपति" कहा और चेताया कि "उसे अपने शब्दों का ध्यान रखना चाहिए।"
इसके बाद मेदवेदेव ने जवाब दिया, "रूस हर मुद्दे पर सही है और अपने रास्ते पर आगे बढ़ता रहेगा।"
यह घटनाक्रम अमेरिका-रूस के पहले से तनावपूर्ण संबंधों को एक नए और खतरनाक मोड़ पर ले जाता दिख रहा है, जहाँ परमाणु ताकतों के इरादे भी अब खुले तौर पर सामने आने लगे हैं।
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