जडेजा का जलवा..! वेस्टइंडीज़ के खिलाफ नाबाद शतक, भारत ने रचा अनोखा कीर्तिमान
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने अपने बल्ले से फिर कमाल दिखाया। दूसरे दिन जडेजा ने शानदार नाबाद शतक (104)* जड़ते हुए भारत को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया..
अहमदाबाद। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने अपने बल्ले से फिर कमाल दिखाया। दूसरे दिन जडेजा ने शानदार नाबाद शतक (104)* जड़ते हुए भारत को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया।
जडेजा ने 168 गेंदों में अपना छठा टेस्ट शतक पूरा किया। जोंमेल वारिकन की गेंद पर शांति से शॉट खेलते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की और उसके बाद अपने मशहूर तलवारबाज़ी सेलिब्रेशन से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
आँकड़ों में खास उपलब्धियाँ
- जडेजा ने अपनी पारी में 176 गेंदों पर 5 छक्के और 6 चौके लगाए।
- वारिकन पर लगाए गए 5 छक्के, किसी भारतीय बल्लेबाज़ द्वारा एक ही गेंदबाज़ पर टेस्ट पारी में लगाए गए संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज़्यादा छक्के हैं। इससे पहले महेंद्र सिंह धोनी ने 2006 में डेव मोहम्मद पर 6 छक्के लगाए थे।
- इस शतक के साथ जडेजा ने धोनी को पछाड़ते हुए भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में चौथे सबसे ज़्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए। उनके खाते में अब 86 मैचों में 80 छक्के हो गए हैं। उनसे आगे वीरेंद्र सहवाग (90), ऋषभ पंत (90) और रोहित शर्मा (88) हैं।
जुरेल के साथ मज़बूत साझेदारी
जडेजा ने ध्रुव जुरेल के साथ शानदार साझेदारी की। 218/4 के स्कोर से शुरुआत करते हुए दोनों ने मिलकर भारतीय पारी को मज़बूत बनाया।
- 71वें और 72वें ओवर में दोनों ने 8 गेंदों में 3 छक्के जड़े।
- दोनों ने मिलकर 151 गेंदों में 100 रनों की साझेदारी पूरी की।
- भारत ने 74.3 ओवर में 250, 87वें ओवर में 300 रन पूरे किए।
भारत की स्थिति
भारत ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 128 ओवरों में 448/5 रन बनाए और 286 रनों की बढ़त हासिल कर ली।
दुर्लभ उपलब्धि
यह भारत के लिए साल 2025 में एक खास मुकाम भी रहा। यह सिर्फ चौथी बार हुआ है जब एक ही पारी में भारत के तीन बल्लेबाज़ों ने शतक जड़े हों। इससे पहले यह कारनामा 1979, 1986 और 2007 में हुआ था। इस बार केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रविंद्र जडेजा ने मिलकर यह अनोखी उपलब्धि दर्ज की।
जडेजा की यह पारी एक बार फिर साबित करती है कि वह सिर्फ गेंदबाज़ी नहीं, बल्कि बल्लेबाज़ी में भी भारत के लिए रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं। उनकी टाइमिंग, आक्रामकता और अनुभव ने टीम इंडिया को वेस्टइंडीज़ पर मज़बूत पकड़ बनाने में अहम योगदान दिया।
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