'डील के बहुत करीब हैं': भारत के साथ टैरिफ डील पर बोले डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ (शुल्क) डील बहुत करीब है। यह बयान उन्होंने उस दिन दिया जब कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कहा था कि "शायद" एक और व्यापार समझौता ..
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ (शुल्क) डील बहुत करीब है। यह बयान उन्होंने उस दिन दिया जब कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कहा था कि "शायद" एक और व्यापार समझौता होने जा रहा है।
ट्रंप पिछले दो दिनों से लगातार संकेत दे रहे हैं कि अमेरिका जल्द ही भारत के साथ एक व्यापार समझौता कर सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि 1 अगस्त की डेडलाइन से पहले भारत उन देशों में शामिल हो सकता है जो अमेरिका के साथ रिसिप्रोकल टैरिफ डील (पारस्परिक शुल्क समझौता) करेंगे।
'रियल अमेरिका वॉइस' चैनल को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ टैरिफ डील के बहुत करीब हैं।”
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता
इस बीच भारत के वाणिज्य मंत्रालय की एक टीम अमेरिका में इस व्यापार समझौते पर एक और दौर की बातचीत के लिए मौजूद है। भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement - BTA) को लेकर 15 जुलाई से वार्ता चल रही है, जो 17 जुलाई को समाप्त होने की संभावना है।
इंडोनेशिया के साथ समझौता और भारत पर ट्रंप की टिप्पणी
बुधवार को अमेरिका ने इंडोनेशिया के साथ एक व्यापार समझौता किया, जिसमें 32% टैरिफ को घटाकर 19% कर दिया गया। इस पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा, “हमने इंडोनेशिया के साथ शानदार डील की। उन्होंने पूरे देश को अमेरिकी व्यापार के लिए खोल दिया, पहले हमें वहां व्यापार की अनुमति नहीं थी। मुझे लगता है कि भारत और कुछ अन्य देशों के साथ भी ऐसा ही होगा।”
जब ट्रंप से पूछा गया कि 1 अगस्त की समय-सीमा से पहले कितने व्यापार समझौते हो सकते हैं, तो उन्होंने संकेत दिया कि भारत भी इस लिस्ट में शामिल है।
भारत का रुख: कोई जल्दबाजी नहीं
हाल ही में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया था कि “भारत किसी भी व्यापार समझौते को डेडलाइन के आधार पर नहीं करता। हम वही समझौता स्वीकार करेंगे जो पूरी तरह से निष्कर्ष तक पहुँचा हो और राष्ट्रीय हित में हो।”
1 अगस्त की समयसीमा का महत्व
अगर भारत और अमेरिका के बीच 1 अगस्त तक कोई टैरिफ समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी प्रशासन की ओर से भारतीय उत्पादों पर पहले से लागू 10% टैरिफ के साथ-साथ अतिरिक्त 16% शुल्क लगाया जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा नुकसान हो सकता है।
What's Your Reaction?