लंदन में इज़रायल–पाकिस्तान हैंडशेक से कूटनीतिक विवाद भड़का..जानिए पूरा मामला
प्रतिनिधि वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (WTM) के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें इज़रायल के पर्यटन मंत्रालय के महानिदेशक माइकल इज़हाकोव पाकिस्तान पवेलियन पर जाते दिखे। वहां उन्होंने सरदार यासिर इलियास खान, जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पर्यटन सलाहकार व नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं, से हाथ मिलाया और कुछ औपचारिक बातचीत की..
लंदन। लंदन में एक वैश्विक ट्रैवल फेयर में हुई एक संक्षिप्त मुलाकात ने पाकिस्तान में भारी राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाज़ा के लिए इंटरनेशनल स्टेबिलाइज़ेशन फ़ोर्स (ISF) की नयी क्षेत्रीय योजना की वकालत कर रहे हैं और इस चर्चा में पाकिस्तान का नाम भी बार-बार उभर रहा है।
लंदन में घटनाक्रम कैसे हुआ?
इस महीने की शुरुआत में दुनियाभर के 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (WTM) जो वैश्विक पर्यटन सम्मेलनों में से एक सबसे बड़ा आयोजन है, में शामिल होने लंदन पहुंचे। इसका 2025 संस्करण 4 से 6 नवंबर तक आयोजित हुआ।
इसी कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें इज़रायल के पर्यटन मंत्रालय के महानिदेशक माइकल इज़हाकोव पाकिस्तान पवेलियन पर जाते दिखे। वहां उन्होंने सरदार यासिर इलियास खान, जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पर्यटन सलाहकार व नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं, से हाथ मिलाया और कुछ औपचारिक बातचीत की।
चूंकि इज़रायल और पाकिस्तान के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं—
और पाकिस्तान अपने नागरिकों को इज़रायल यात्रा करने से प्रतिबंधित करता है—
इसलिए यह छोटा-सा हैंडशेक भी राजनीतिक महत्व रखता है और तुरंत चर्चा का विषय बन गया।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि कुछ पाकिस्तानी पत्रकार और शिक्षाविद हाल ही में प्रतिबंध के बावजूद इज़रायल गए थे।
पाकिस्तान के पर्यटन सलाहकार का स्पष्टीकरण
वीडियो वायरल होने के बाद यासिर इलियास खान ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से मालूम नहीं था कि जिन लोगों से वे मिल रहे हैं, वे इज़रायल से हैं।
המפגש הישראלי – פקיסטני המפתיע ביריד התיירות בלונדון. במהלך יריד התיירות WTM בלונדון, מנכ"ל משרד התיירות הישראלי, מיכאל יצחקוב, תועד בביתן של פקיסטן המוסלמית שאין לה יחסים עם ישראל, כשהוא לוחץ את ידו של יועצו של ראש ממשלת פקיסטן לענייני תיירות, סארדאר יאסיר איליאס ח'אן. כזכור,… pic.twitter.com/LmzkEgj0tr — roi kais • روعي كايس • רועי קייס (@kaisos1987) November 12, 2025
उनके अनुसार, “कार्यक्रम के दौरान इज़रायल के कुछ लोग बिना परिचय दिए पाकिस्तान पवेलियन पर आए और मुलाकात की। यह दौरा पूरी तरह आत्म-वित्तपोषित था और केवल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए था।”
इस्लामाबाद का बयान: ‘अनुमति के बिना हुई मुलाकात’
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के साप्ताहिक ब्रीफिंग में इस मामले पर कई सवाल पूछे गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा, “अगर ऐसी कोई मुलाकात हुई है तो यह पूरी तरह अनधिकृत थी, न तो हमें इसकी जानकारी थी और न ही सरकार से ऐसी किसी मुलाकात की अनुमति दी गई थी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना को अब्राहम समझौते या किसी बड़े रणनीतिक बदलाव से जोड़ना “बहुत ज़्यादा अनुमान” है।
अंद्राबी ने यह भी कहा कि जो पाकिस्तानी नागरिक इज़रायल गए, उन्होंने सरकारी अनुमति के बिना और पासपोर्ट नियमों का उल्लंघन करके यात्रा की।
पाकिस्तान में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
वीडियो के सामने आते ही देश के कई राजनीतिक एवं धार्मिक समूहों ने कड़ी आलोचना शुरू कर दी। जमात-ए-इस्लामी के पूर्व सांसद मुश्ताक अहमद खान ने X पर लिखा,“फ़िलिस्तीनियों के क़ातिलों से हाथ मिलाना, अल-अक़्सा, गाज़ा और फ़िलिस्तीनी जनता के साथ विश्वासघात है। यह क्षण शर्मनाक है और राष्ट्र ऐसे लोगों को माफ़ नहीं करेगा।”
यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि पाकिस्तान में फ़िलिस्तीन मुद्दे को लेकर जनभावनाएँ कितनी मजबूत हैं।
गाज़ा स्टेबिलाइज़ेशन फ़ोर्स में पाकिस्तान की संभावित भूमिका
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को गाज़ा के लिए प्रस्तावित ISF में शामिल करने पर विचार कर रहा है। यह बल युद्ध-विराम लागू होने के बाद सुरक्षा, मानवीय सहायता और बुनियादी प्रशासन में मदद करेगा।
अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान और जॉर्डन बहुपक्षीय मुद्दों, विशेषकर फ़िलिस्तीन, पर करीबी सहयोग करते हैं और किंग अब्दुल्ला की आगामी पाकिस्तान यात्रा में गाज़ा चर्चा का हिस्सा होगी।
हालांकि, उन्होंने कहा कि “अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है।”
उन्होंने यह भी स्पष्टीकरण दिया कि किसी भी विदेशी सैन्य तैनाती के लिए पाकिस्तान की संसद और उच्चतम संस्थाओं की मंजूरी आवश्यक होगी।
अमेरिकी रणनीति में पाकिस्तान क्यों महत्वपूर्ण है?
ट्रंप प्रशासन क्षेत्रीय व्यवस्था को पुनर्संगठित करने में पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि..
- पाकिस्तान ने अमेरिका को पासनी बंदरगाह उपयोग करने की पेशकश की है
- अमेरिका बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को विदेशी आतंकी संगठन घोषित करने की ओर बढ़ रहा है
- यह कदम अमेरिका के खनिज-समृद्ध बलोचिस्तान में वाणिज्यिक हितों में मदद कर सकता है
हालाँकि विश्लेषकों का कहना है कि इससे पाकिस्तान की पहले से ही नाज़ुक आंतरिक सुरक्षा और अस्थिर हो सकती है, खासकर CPEC परियोजनाओं के चलते चीन की भारी उपस्थिति को देखते हुए।
पाकिस्तान ने फ़िलिस्तीन पर अपनी पुरानी नीति दोहराई
अटकलों के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि..
- पाकिस्तान इज़रायल को मान्यता नहीं देता
- 1967 की सीमाओं पर आधारित संप्रभु फ़िलिस्तीनी राज्य का समर्थन करता है
- पूर्वी यरुशलम को फ़िलिस्तीन की राजधानी मानता है
- हाल ही में 14 देशों के साथ मिलकर वेस्ट बैंक में इज़रायली कदमों की आलोचना की है
- पाकिस्तान के पासपोर्ट नियमों में इज़रायल को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है
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