‘बहुत गंभीर जवाबी कार्रवाई होगी’: सीरिया में ISIS हमले में तीन अमेरिकी कर्मियों की मौत के बाद ट्रंप का सख्त संदेश
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सीरिया में संदिग्ध इस्लामिक स्टेट (ISIS) के हमले में तीन अमेरिकियों की मौत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका “जवाबी कार्रवाई करेगा”। यह हमला पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के एक साल बाद सीरिया में अमेरिकी कर्मियों पर हुआ सबसे घातक हमला बताया..
वॉशिंग्टन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि सीरिया में संदिग्ध इस्लामिक स्टेट (ISIS) के हमले में तीन अमेरिकियों की मौत के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका “जवाबी कार्रवाई करेगा”। यह हमला पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के एक साल बाद सीरिया में अमेरिकी कर्मियों पर हुआ सबसे घातक हमला बताया जा रहा है।
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के अनुसार, शनिवार (13 दिसंबर) को एक अकेले हमलावर द्वारा किए गए घात में दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक दुभाषिये की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
व्हाइट हाउस में बाल्टीमोर में होने वाले आर्मी–नेवी फुटबॉल मैच के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “यह एक ISIS हमला है।”
ट्रंप की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ट्रंप ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि घायल कर्मी ठीक हो रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, “इसी तरह, हम उन तीन घायल सैनिकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जिनके बारे में अभी पुष्टि हुई है कि उनकी हालत अच्छी है। यह अमेरिका और सीरिया के खिलाफ ISIS का हमला था, सीरिया के एक बेहद खतरनाक इलाके में, जो पूरी तरह उनके नियंत्रण में नहीं है… इसका बहुत गंभीर जवाब दिया जाएगा।”
पालमायरा के पास हमला
सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी साना (SANA) के अनुसार, गोलीबारी की यह घटना ऐतिहासिक शहर पालमायरा के पास हुई। घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए इराक और जॉर्डन की सीमा के पास स्थित अमेरिकी सेना के अल-तनफ गढ़ (गारिसन) में ले जाया गया।
सीरिया के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नूर अल-दीन अल-बाबा ने कहा कि अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि हमलावर इस्लामिक स्टेट का सदस्य था या फिर उसकी चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित कोई व्यक्ति। उन्होंने उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें हमलावर के सीरियाई सुरक्षा बलों से जुड़े होने का दावा किया गया था।
पेंटागन की कड़ी चेतावनी
हमले के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बेहद सख्त चेतावनी जारी की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “यह बात साफ कर दी जाए—अगर आप दुनिया में कहीं भी अमेरिकियों को निशाना बनाते हैं, तो आप अपनी बाकी की छोटी और भय से भरी जिंदगी यह जानते हुए बिताएंगे कि संयुक्त राज्य अमेरिका आपका पीछा करेगा, आपको ढूंढेगा और बेरहमी से मार गिराएगा।”
अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और ISIS का खतरा
अमेरिका पूर्वी सीरिया में कई सौ सैनिक तैनात किए हुए है, जो ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे अमेरिका-नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा हैं। हालांकि इस आतंकी संगठन को 2019 में क्षेत्रीय रूप से पराजित कर दिया गया था लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक अब भी सीरिया और इराक में इसके 5,000 से 7,000 लड़ाके मौजूद हैं। संगठन की स्लीपर सेलें अब भी घातक हमलों को अंजाम दे रही हैं।
यह घात हमला ऐसे समय हुआ है, जब कुछ हफ्ते पहले सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने वॉशिंगटन की ऐतिहासिक यात्रा की थी। उस दौरान सीरिया ने ISIS के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिका-नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ एक राजनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
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