पीएम मोदी के पिता पर अभद्र टिप्पणी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा हुए गिरफ्तार, सर्वोच्च न्यायालय से मिली अंतरिम जमानत
<p><em>देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के पिता के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने के मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा गुरुवार, 23 फरवरी को गिरफ्तार किये गये और फिर उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत भी दे दी। सर्वोच्च न्यायालय ने खेड़ा को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि एफआईआर खारिज नहीं की जा सकती।</em></p> <p><strong>खेड़ा की इस टिप्पणी को लेकर हुआ है विवाद</strong></p>
उल्लेखनीय है कि खेड़ा को असम पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था और उसकी इस कार्रवाई के विरुद्ध कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय पहुंची थी। न्यायालय ने ने खेड़ा को फौरी राहत देते हुए 28 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने के निर्देश दिये। इस मामले में अर्जेंट सुनवाई हुई और इस सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता संबंधित अदालत में नियमित जमानत याचिका दाखिल कर सकते हैं।
इसके साथ ही खेड़ा से यह भी कहा गया कि बातचीत का कोई स्तर होना चाहिए। इसके साथ-साथ न्यायालय ने खेड़ा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने को लेकर असम और उत्तर प्रदेश सरकारों से भी जवाब मांगा है। न्यायालय ने याचिका को अगली सुनवाई के लिए 27 फरवरी को सूचीबद्ध करने के आदेश दिए हैं।
पवन खेड़ा की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता अभिषेत मनु सिंघवी ने पैरवी की। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि पवन खेड़ा ने जानबूझकर पीएम मोदी के पिता पर गलत टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने कन्फ्यूजन के चलते प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी के स्थान पर नरेंद्र गौतमदास बोला था। जबकि इसके विपरीत असम पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि खेड़ा ने देश की एकता के साथ खिलवाड़ किया है।
मामले की सुनवाई के दौरान सिंघवी ने दलील दी कि खेड़ा के मामले पर गिरफ्तारी नहीं हो सकती। उन्हें आज ही रिहा किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि खेड़ा ने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली थी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने पवन खेड़ा का विवादित वीडियो भी देखा।
खेड़ा की गिरफ्तारी पर बिफरी कांग्रेस
कांग्रेस की एक अन्य प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्विटर के माध्यम से कहा है, ‘हम सभी इंडिगो की रायपुर जाने वाली 6ई 204 उड़ान में थे और अचानक मेरे साथी पवन खेड़ा को विमान से नीचे उतरने के लिए कहा गया।’ उन्होंने कहा, ‘यह किस तरह की मनमानी है? कोई कानून का शासन है या नहीं? यह किस आधार पर और किसके आदेश पर किया जा रहा है?’ केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि क्या भारत ‘बनाना रिपब्लिक’ बन गया है? उन्होंने कहा कि खेड़ा को विमान से नीचे उतारा जाना निंदनीय है।
इन धाराओं में हुआ है खेड़ा के विरुद्ध मामला दर्ज
यह भी बता दें कि पवन खेड़ा के विरुद्ध पीएम मोदी के पिता के बारे में उनकी कथित टिप्पणी के लिए असम के हाफलोंग थाने में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें 153 बी (राष्ट्रीय एकता के खिलाफ प्रभाव डालने वाले बयान देना, लांछन लगाना), 500 (मानहानि) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) शामिल हैं। दीमा हसाओ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयंक कुमार ने बताया कि मोदी और अन्य मुद्दों पर खेड़ा की टिप्पणियों को लेकर बुधवार को सैमुअल चांगसन नामक व्यक्ति ने हाफलोंग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एसीपी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री के खिलाफ उनकी (खेड़ा) टिप्पणी प्राथमिकी का एक हिस्सा है। अन्य शिकायतें भी हैं. IPC की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।’
कानून से ऊपर नहीं कांग्रेसःभाजपा
केवल कांग्रेस ही नहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस के विरोध को लेकर पलटवार किया है। भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध करने को लेकर उसके नेताओं को इस ‘गलतफहमी’ में नहीं रहना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ‘जो कुछ भी किया जाता है वह कानूनी तरीके से किया जाता है. कांग्रेस नेताओं को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के बाद कांग्रेस ‘विक्टिम कार्ड’ (पीड़ित के रूप में खुद को प्रस्तुत करना) खेल रही है।
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