ऑपरेशन सिंदूर पर सर्वदलीय बैठक में असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान के खिलाफ क्या कहा ..
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद उन्होंने पाकिस्तान और उसके आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ वैश्विक मुहिम चलाने की जोरदार मांग की..
नयी दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद उन्होंने पाकिस्तान और उसके आतंकी नेटवर्कों के खिलाफ वैश्विक मुहिम चलाने की जोरदार मांग की।
ओवैसी ने बैठक के बाद क्या कहा
ओवैसी ने बताया, “मैंने हमारे सशस्त्र बलों और सरकार को ऑपरेशन सिंदूर के लिए बधाई दी। साथ ही, मैंने सुझाव दिया कि द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक व्यापक अभियान चलाया जाए। यह संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक फ्रंटल ग्रुप है।”
FATF में पाकिस्तान को फिर ग्रे लिस्ट में डालने की मांग
ओवैसी ने आगे कहा, “मैंने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह अमेरिका से कहे कि TRF को आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन घोषित करे। साथ ही, पाकिस्तान को FATF (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट में डालने की फिर से कोशिश होनी चाहिए।”
गौरतलब है कि पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से 2022 में चार साल बाद बाहर निकाला गया था। FATF एक वैश्विक निगरानी संस्था है जो आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखती है।
विपक्ष का समर्थन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के बाद कहा, “हमने सरकार की बात सुनी और उन्हें यह भी बताया कि हम इस मुद्दे पर उनके साथ हैं। उन्होंने बताया कि कुछ संवेदनशील जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।”
राहुल गांधी ने खड़गे की बात का समर्थन करते हुए कहा, “हमने सरकार को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ बातें सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं, हम समझते हैं।”
रक्षा मंत्री ने दी जानकारी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए हैं।
सभी दलों ने दिखाई एकता
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “सभी दलों ने परिपक्वता दिखाई है और पाकिस्तान के खिलाफ सरकार का समर्थन किया है। सभी नेताओं ने सेना की सराहना की और कई सकारात्मक सुझाव भी दिए।”
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