ऑपरेशन ‘कालनेमि’ क्या है? उत्तराखंड में फर्जी साधुओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को मिला संतों का समर्थन..!
उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन कालनेमि’ को अयोध्या के कई प्रमुख संतों और धार्मिक संगठनों का समर्थन मिला है। यह अभियान धार्मिक वेशभूषा में घूम रहे फर्जी साधुओं की पहचान कर उनके खिलाफ..
अयोध्या। उत्तराखंड सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन कालनेमि’ को अयोध्या के कई प्रमुख संतों और धार्मिक संगठनों का समर्थन मिला है। यह अभियान धार्मिक वेशभूषा में घूम रहे फर्जी साधुओं की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
ऑपरेशन ‘कालनेमि’ क्या है?
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे कांवड़ यात्रा से ठीक पहले राज्यव्यापी स्तर पर शुरू किया है।
- इसका उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान और गिरफ्तारी करना है जो साधु या संत का रूप धारण कर लोगों को धोखा देते हैं, विशेषकर महिलाओं को।
- "ये न केवल लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करते हैं, बल्कि सनातन परंपरा की गरिमा और सामाजिक सौहार्द को भी ठेस पहुंचाते हैं," — सीएम धामी ने अपने एक्स (Twitter) पोस्ट में लिखा।
नाम ‘कालनेमि’ क्यों रखा गया?
- कालनेमि हिंदू पुराणों में एक राक्षस था जो साधु का वेश धारण कर हनुमान जी को भ्रमित करने की कोशिश करता है।
- मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज भी ऐसे “आधुनिक कालनेमि” समाज में मौजूद हैं जो भगवा वस्त्र पहनकर लोगों को धोखा देते हैं।
- सरकार का कहना है कि इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।
संत समाज की प्रतिक्रिया
प्रबोधनंद गिरी (अध्यक्ष, हिन्दू राष्ट्र सेना):
- अभियान को समयानुकूल और आवश्यक बताया।
- सुझाव दिया कि यह अभियान 15 दिन बाद पूरी तरह शुरू किया जाए क्योंकि अभी पुलिस बल कांवड़ यात्रा की सुरक्षा में व्यस्त है।
- फर्जी साधुओं की पहचान के लिए तीन सवाल पूछने का सुझाव दिया:
- आपका गुरु कौन है?
- आपका अखाड़ा कौन सा है?
- धार्मिक परंपरा से संबंध का कोई प्रमाण?
- उन्होंने यह भी कहा कि कुछ "जिहादी तत्व" भगवा वस्त्र पहनकर लोगों को लूटने और गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ऑपरेशन कालनेमि आवश्यक है।
संजय दास (अध्यक्ष, संकटमोचन सेना):
- अभियान का समर्थन किया, लेकिन कहा कि ऐसे संवेदनशील कार्य अखाड़ों से समन्वय के साथ होने चाहिए।
सरकार का संकल्प:
सीएम धामी ने कहा है कि "हम धार्मिक भावनाओं की रक्षा, जनता की सुरक्षा और सनातन संस्कृति की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
मुख्य बातें संक्षेप में
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बिंदु |
विवरण |
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नाम |
ऑपरेशन कालनेमि |
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शुरुआत |
जुलाई 2025, उत्तराखंड |
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उद्देश्य |
फर्जी साधुओं की पहचान और कानूनी कार्रवाई |
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प्रेरणा |
कालनेमि राक्षस – साधु का रूप धरकर धोखा देना |
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लक्षित व्यक्ति |
वे लोग जो धार्मिक वेशभूषा का दुरुपयोग कर जनता को धोखा देते हैं |
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संतों की राय |
समर्थन, परंतु संयम और समन्वय के साथ कार्रवाई की मांग |
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