व्हाइट हाउस ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर को अमेरिका के मिलिट्री परेड में न्योता देने की खबर को बताया झूठा

व्हाइट हाउस ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिका की मिलिट्री परेड में ..

व्हाइट हाउस ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर को अमेरिका के मिलिट्री परेड में न्योता देने की खबर को बताया झूठा
16-06-2025 - 08:48 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

वॉशिंगटन/नयी दिल्ली। व्हाइट हाउस ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिका की मिलिट्री परेड में आमंत्रित किया गया था।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा, "यह पूरी तरह झूठी खबर है। किसी भी विदेशी सैन्य अधिकारी को इस परेड के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।"

अमेरिका की ऐतिहासिक परेड

यह मिलिट्री परेड शनिवार को वाशिंगटन में आयोजित की गई, जो अमेरिका की रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छवि को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
यह आयोजन 14 जून, 1775 को अमेरिकी सेना की स्थापना की स्मृति में किया गया, जब अमेरिका ने ब्रिटिश औपनिवेशिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई के लिए सेना गठित की थी। संयोगवश, इसी दिन राष्ट्रपति ट्रंप का 79वां जन्मदिन भी था और उन्होंने ही परेड में सलामी ली।

परेड की भव्यता

  • हजारों सैनिकों की भागीदारी
  • दर्जनों टैंक, हेलिकॉप्टर, पैराट्रूपर्स
  • एयरफोर्स के फ्लायओवर
  • अमेरिकी धरती पर मिलिट्री परेड एक दुर्लभ दृश्य, पिछली बार 1991 में 'ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म' के बाद ऐसा आयोजन हुआ था।

भारत में विपक्ष की प्रतिक्रिया

भारत में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया।

  • कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह भारत की कूटनीतिक विफलता है।
  • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा कि

"यह भारत की लड़ाई को कमजोर करने की सुनियोजित साजिश थी। बीजेपी ट्रंप की अंधभक्त बन गई है और इस कथित न्योते पर पर्याप्त रोष नहीं जताया गया।"

पाकिस्तान की 'छलावा' रणनीति भी बेनकाब

व्हाइट हाउस द्वारा खबर को खारिज किए जाने से पाकिस्तान को भी बड़ा झटका लगा है। दरअसल, पाकिस्तानी मीडिया और कुछ अधिकारियों ने इसे भारत पर 'एक अपमानजनक जीत' के तौर पर पेश किया था, खासकर तब जब भारत के शिष्टमंडल की अमेरिका में कोई वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात नहीं हो पाई थी।

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व में अमेरिका गए प्रतिनिधिमंडल को अंडर सेक्रेटरी से ऊपर के किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं मिल पाई थी, जो उनके लिए बड़ी कूटनीतिक असफलता मानी जा रही थी।

निष्कर्ष

व्हाइट हाउस की सफाई ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि असीम मुनीर को कोई न्योता नहीं मिला था और यह खबर केवल राजनीतिक भ्रम और गलत जानकारी पर आधारित थी। इस प्रकरण ने ना सिर्फ पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाया, बल्कि भारत में विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम को भी उजागर कर दिया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।