कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? ममता बनर्जी की राज्यसभा उम्मीदवार, बन सकती हैं भारत की पहली LGBTQ+ सांसद

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 27 फरवरी की शाम आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। पार्टी ने मंत्री बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मलिक को उम्मीदवार..

कौन हैं मेनका गुरुस्वामी? ममता बनर्जी की राज्यसभा उम्मीदवार, बन सकती हैं भारत की पहली LGBTQ+ सांसद
28-02-2026 - 09:03 AM

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 27 फरवरी की शाम आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। पार्टी ने मंत्री बाबुल सुप्रियो, पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मलिक को उम्मीदवार बनाया है।

चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा।

TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, हमें आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए बाबुल सुप्रियो, राजीव कुमार, मेनका गुरुस्वामी और कोयल मलिक की उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। हम उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हैं।”
पार्टी ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि वे तृणमूल की संघर्षशील विरासत और हर भारतीय के अधिकारों व गरिमा की रक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते रहेंगे।”

मेनका गुरुस्वामी कौन हैं?

सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी उन वकीलों में शामिल थीं, जिन्होंने उस ऐतिहासिक संवैधानिक चुनौती में याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व किया था, जिसके परिणामस्वरूप 2018 में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 को पढ़कर सीमित करते हुए समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया।

यदि वे निर्वाचित होती हैं, तो मेनका गुरुस्वामी देश की पहली खुलकर अपनी पहचान बताने वाली (ओपनली क्वीयर) सांसद होंगी।

वे कई मामलों में TMC की वकील भी रही हैं, जिनमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा I-PAC निदेशक प्रतीक जैन के कार्यालय पर छापों से जुड़ा मामला भी शामिल है।

ऑक्सफोर्ड से रोड्स स्कॉलर

मेनका गुरुस्वामी ने 1997 में वकालत शुरू की और तत्कालीन भारत के अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के साथ काम किया। वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से रोड्स स्कॉलर (डी.फिल) रही हैं और हार्वर्ड लॉ स्कूल से गैमन फेलो (एलएल.एम) भी हैं।
2019
में उन्हें उनकी साथी वकील अरुंधति काटजू के साथ TIME मैगज़ीन की “100 सबसे प्रभावशाली लोगों” की सूची में शामिल किया गया था।

इसके अलावा, उन्होंने येल, कोलंबिया और NYU लॉ स्कूल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अतिथि फैकल्टी के रूप में भी सेवाएं दी हैं। 2019 में मेनका गुरुस्वामी और अरुंधति काटजू दोनों को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में गिना गया।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

अनिश गवांडे, जो एनसीपी (शरद पवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, ने X पर लिखा, मेनका को राज्यसभा के लिए नामित होते देखना, संसद में एक खुले तौर पर अपनी पहचान रखने वाले भारतीय को देखना, किसी सपने से कम नहीं है। बेशक, प्रतिनिधित्व की अपनी सीमाएं होती हैं और इससे LGBTQ+ समुदाय की सभी समस्याएं रातों-रात हल नहीं होंगी, लेकिन यह गर्व का एक बड़ा क्षण है।”

पारिवारिक पृष्ठभूमि

मेनका गुरुस्वामी, मोहन गुरुस्वामी और मीरा गुरुस्वामी की बेटी हैं।
मोहन गुरुस्वामी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व रणनीतिकार रह चुके हैं और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के विशेष सलाहकार भी थे, जिन्होंने बाद में BJP छोड़ दी थी।

आंकड़े कैसे मेनका के पक्ष में हैं?

पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की पांच सीटें 2026 में रिक्त होने वाली हैं। इनमें से चार पर फिलहाल TMC का कब्जा है।

294 सदस्यीय विधानसभा में मजबूत संख्याबल के चलते सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के चार सीटें जीतने की संभावना प्रबल है, जबकि विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को एक सीट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

विधानसभा में मौजूदा गणित को देखते हुए नतीजे लगभग तय माने जा रहे हैं, जब तक कि कोई पार्टी अतिरिक्त उम्मीदवार न उतारे। ऐसी स्थिति में मुकाबला दिलचस्प हो सकता है और यह सब उस समय होगा, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का माहौल बनने ही वाला है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।