कौन हैं पूर्व USAID इंडिया प्रमुख वीना रेड्डी और क्यों हैं वो भाजपा के निशाने पर?

वीना रेड्डी, भारतीय मूल की अमेरिकी राजनयिक और यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) की पूर्व इंडिया मिशन डायरेक्टर हैं। उन्होंने 5 अगस्त 2021 को इस पद को संभाला था और 17 जुलाई 2024 को अमेरिका लौटने की घोषणा की थी।

कौन हैं  पूर्व USAID इंडिया प्रमुख वीना रेड्डी  और क्यों हैं वो भाजपा के निशाने पर?
21-02-2025 - 01:21 PM

नयी दिल्ली। वीना रेड्डी, भारतीय मूल की अमेरिकी राजनयिक और यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) की पूर्व इंडिया मिशन डायरेक्टर हैं। उन्होंने 5 अगस्त 2021 को इस पद को संभाला था और 17 जुलाई 2024 को अमेरिका लौटने की घोषणा की थी।

उनका नाम तब हाल ही में चर्चा में आया, जब BJP सांसद महेश जेठमलानी ने भारत में मतदाता भागीदारी बढ़ाने के लिए USAID द्वारा $21 मिलियन (करीब 175 करोड़ रुपये) फंडिंग पर सवाल उठाए। इस मुद्दे को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उछाला और कहा, "USAID शायद भारत में किसी और को चुनाव जिताने की कोशिश कर रहा था। हमें भारत सरकार को यह बताना होगा।"

वीना रेड्डी की पृष्ठभूमि

  • जन्म: आंध्र प्रदेश, भारत
  • नागरिकता: अमेरिका
  • शिक्षा:
    • डॉक्टर ऑफ जुरिसप्रूडेंस (Columbia University School of Law)
    • एमए और बीए (University of Chicago)
  • पूर्व पेशा: न्यूयॉर्क, लंदन और लॉस एंजेलेस में कॉरपोरेट वकील
  • कानूनी सदस्यता: न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया बार काउंसिल

USAID इंडिया में कार्यकाल और फंडिंग वृद्धि

वीना रेड्डी के कार्यकाल में भारत को मिलने वाली USAID फंडिंग में जबरदस्त इजाफा हुआ:

साल

USAID से भारत को मिली फंडिंग

2020

$83.2 मिलियन (₹700 करोड़)

2021

$94.3 मिलियन (₹800 करोड़)

2022

$228 मिलियन (₹1982 करोड़) - 2001 के बाद सबसे ज्यादा

2023

$175.7 मिलियन (₹1530 करोड़)

2024

$151.8 मिलियन (₹1320 करोड़)

  • 2022 में $228 मिलियन (₹1982 करोड़) में से:
    • $140.7 मिलियन - स्वास्थ्य सेवाओं पर
    • $25.09 मिलियन - मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर
    • $10.57 मिलियन - HIV/AIDS रोकथाम पर
    • $7.18 मिलियन - पर्यावरण संरक्षण पर
    • $5.6 मिलियन - ऊर्जा परियोजनाओं पर

USAID इंडिया में उनकी प्रमुख भूमिका

वीना रेड्डी ने भारत में स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल भुगतान, वन संरक्षण, और महिला सशक्तिकरण जैसी परियोजनाओं को गति दी। उनके कार्यकाल के दौरान भारत सरकार की कई प्रमुख एजेंसियों के साथ USAID की साझेदारी बढ़ी, जिनमें शामिल हैं:

  • भारतीय रेलवे
  • निती आयोग
  • राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (NPTI)
  • नेशनल पावर स्किल काउंसिल
  • NTPC ग्रीन नेशनल स्किल्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन
  • आयुष्मान भारत और महिला सशक्तिकरण मिशन

उन्होंने विभिन्न सरकारी और G20 बैठकों में भाग लिया, जिनमें:

  • नवंबर 2023: "वर्ल्ड टॉयलेट डे" कार्यक्रम (Hardeep Singh Puri के साथ)
  • जुलाई 2023: G20 डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप बैठक

BJP द्वारा आरोप और विवाद

  • BJP सांसद महेश जेठमलानी ने USAID फंडिंग और चुनावी दखल पर जांच की मांग की।
  • डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि USAID भारत में किसी को सत्ता में लाने के लिए काम कर रहा था
  • फंडिंग में अचानक हुई वृद्धि (2022 में ₹1982 करोड़) संदेह का कारण बनी।

वीना रेड्डी पहली भारतीय-अमेरिकी महिला थीं, जिन्होंने USAID इंडिया का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में भारत को अमेरिकी सहायता में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, लेकिन अब यह फंडिंग चुनावी दखलंदाजी के आरोपों के घेरे में हैBJP की जांच की मांग के चलते यह मामला भारत-अमेरिका संबंधों में नया मोड़ ला सकता है Bottom of Form

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।