RG कर केस: पीड़ित की मां को चुनाव मैदान में उतारना क्यों माना गया जोखिम, BJP के भीतर ही उठे सवाल

पश्चिम बंगाल में Bharatiya Janata Party द्वारा RG कर अस्पताल मामले की पीड़िता की मां को चुनाव में उम्मीदवार बनाने के फैसले ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। लेकिन, असली चर्चा पार्टी के भीतर है, जहां कुछ शीर्ष नेताओं ने इस कदम को जोखिम भरा

RG कर केस: पीड़ित की मां को चुनाव मैदान में उतारना क्यों माना गया जोखिम, BJP के भीतर ही उठे सवाल
28-03-2026 - 11:18 AM

पश्चिम बंगाल में Bharatiya Janata Party द्वारा RG कर अस्पताल मामले की पीड़िता की मां को चुनाव में उम्मीदवार बनाने के फैसले ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। लेकिन, असली चर्चा पार्टी के भीतर है, जहां कुछ शीर्ष नेताओं ने इस कदम को जोखिम भरा माना।

पार्टी के अंदर क्यों था विरोध

सूत्रों के अनुसार, बंगाल BJP के तीन प्रभावशाली नेताओं में से कम से कम दो इस फैसले के पक्ष में नहीं थे। उनकी आपत्ति पीड़ित युवती की मां की भूमिका पर नहीं बल्कि इस बात पर थी कि नैतिक ताकत को चुनावी राजनीति में बदलना सही होगा या नहीं

1. नैतिक छवि कमजोर होने का डर

RG कर घटना के बाद पीड़िता की मां एक मजबूत और भावनात्मक आवाज बनकर उभरी थीं।

  • उनकी न्याय की मांग को सभी दलों से सहानुभूति मिली
  • वे “नैतिक शक्ति” (moral force) का प्रतीक बन गईं

लेकिन कुछ नेताओं का मानना था:

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