‘लिखित हलफनामा देकर सबूत दें’: ‘वोट चोरी’ आरोपों पर चुनाव आयोग की राहुल गांधी व कांग्रेस को नसीहत
चुनाव आयोग (EC) ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोटर फ्रॉड संबंधी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि ‘वोट चोरी’ जैसे “गंदे शब्दों” का इस्तेमाल न करें..
नयी दिल्ली। चुनाव आयोग (EC) ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोटर फ्रॉड संबंधी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी कि ‘वोट चोरी’ जैसे “गंदे शब्दों” का इस्तेमाल न करें। आयोग ने कहा कि “वन पर्सन, वन वोट” का सिद्धांत 1951-52 के पहले आम चुनाव से ही लागू है।
चुनाव आयोग ने कहा, “अगर किसी के पास किसी व्यक्ति के एक से ज्यादा बार मतदान करने का कोई सबूत है, तो उसे लिखित हलफनामा के साथ ECI को सौंपें, न कि बिना प्रमाण देश के सभी मतदाताओं को ‘चोर’ कहें।”
कांग्रेस, राहुल गांधी के नेतृत्व में, देश में कथित वोटर फ्रॉड के मुद्दे पर अभियान चला रही है। इसका केंद्र बिंदु है ‘वोटर अधिकार यात्रा’, जो 17 अगस्त से बिहार में शुरू होगी और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। यह अभियान कथित ‘वोट चोरी’ यानी चुनावी हेराफेरी को उजागर करने के बड़े प्रयास का हिस्सा है।
राहुल गांधी ने कहा, “17 अगस्त से बिहार की धरती से ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के साथ हम वोट चोरी के खिलाफ सीधी लड़ाई लड़ेंगे।”
कांग्रेस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘लोकतंत्र बचाओ मशाल मार्च’ और ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैलियों के जरिए जनसमर्थन जुटाएगी।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने बताया कि 15 सितंबर से 15 अक्टूबर के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, ताकि मतदान के अधिकार की रक्षा हो और लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
राहुल गांधी ने इसे “करो या मरो” का मामला बताते हुए कहा, “हम पूरे देश में साफ-सुथरी मतदाता सूची सुनिश्चित करेंगे। युवा, मजदूर, किसान – हर नागरिक इस जन आंदोलन में शामिल हो।”
ये आरोप पिछले साल के कर्नाटक चुनाव से जुड़े हैं, जहां राहुल ने दावा किया था कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा वोट “चोरी” हुए। चुनाव आयोग ने इन दावों के समर्थन में औपचारिक दस्तावेज मांगे हैं।
कांग्रेस 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का समापन करेगी।
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