छह महीने में देखेंगे’: पुतिन की चेतावनी और रूस पर ट्रंप के नए प्रतिबंधों पर बढ़ा तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को लेकर रूस की प्रतिक्रिया को खारिज करते हुए कहा कि इनका वास्तविक असर आने वाले छह महीनों में दिखाई..
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए नए प्रतिबंधों को लेकर रूस की प्रतिक्रिया को खारिज करते हुए कहा कि इनका वास्तविक असर आने वाले छह महीनों में दिखाई देगा।
व्हाइट हाउस में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में जब ट्रंप से पूछा गया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, तो ट्रंप ने मुस्कराते हुए जवाब दिया, “मुझे खुशी है कि वह ऐसा सोचते हैं। मैं आपको छह महीने बाद बताऊंगा कि क्या हुआ… देखते हैं आगे क्या होता है।”
पुतिन बोले — रूस कभी दबाव में नहीं झुकेगा
अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में पुतिन ने कहा कि मॉस्को कभी अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
उन्होंने इन प्रतिबंधों को “अमित्रतापूर्ण कदम” बताया जो रूस-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की बजाय कमजोर करता है।
“यह रूस पर दबाव डालने की एक नाकाम कोशिश है। कोई भी आत्मसम्मानी देश दबाव में आकर फैसले नहीं लेता,”
— व्लादिमीर पुतिन, रूसी राष्ट्रपति
पुतिन ने दावा किया कि इन प्रतिबंधों से रूस की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर यूक्रेन ने अमेरिका से मिले टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल रूस के खिलाफ किया, तो रूस की ओर से “कड़ा जवाब” दिया जाएगा।
ट्रंप के नये प्रतिबंध: दो बड़ी रूसी तेल कंपनियां निशाने पर
अमेरिका ने बुधवार को रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों..
- रोसनेफ्ट (Rosneft) और
- लुकोइल (Lukoil)
पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, यह कदम रूस पर दबाव बनाकर यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
रॉयटर्स के अनुसार, इस घोषणा के बाद वैश्विक कच्चे तेल के दाम 5% तक बढ़ गए।
यह पहली बार है जब ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में यूक्रेन युद्ध से जुड़े मुद्दे पर रूस पर सीधा आर्थिक दबाव डाला है।
ट्रंप-पुतिन की प्रस्तावित बैठक रद्द
ट्रंप और पुतिन के बीच बुडापेस्ट में एक बैठक प्रस्तावित थी, जिसका उद्देश्य यूक्रेन युद्ध पर संवाद बढ़ाना था। हालांकि, अमेरिका ने यह बैठक रद्द कर दी।
ट्रंप ने कहा, “हमने पुतिन से होने वाली बैठक रद्द कर दी। मुझे नहीं लगा कि यह सही समय है। ऐसा लगा कि हम वह हासिल नहीं कर पाएंगे जो हमें चाहिए था। इसलिए मैंने बैठक रद्द कर दी — लेकिन भविष्य में हम जरूर मिलेंगे।”
भारत पर असर: क्या घटेगा रूसी तेल आयात?
ट्रंप ने कई मौकों पर दावा किया है कि भारत जल्द ही रूस से तेल खरीद कम करेगा।
हालांकि, इस दावे की भारत की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण दोनों रूसी कंपनियां अब अमेरिकी डॉलर-आधारित वैश्विक भुगतान प्रणाली से कट सकती हैं, जबकि तेल के लेन-देन मुख्य रूप से डॉलर में होते हैं।
ऐसे में भारतीय और चीनी रिफाइनरियां अब रूस से तेल खरीद पर पुनर्विचार कर रही हैं और इस संबंध में सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रही हैं।
निष्कर्ष
ट्रंप और पुतिन के बीच यह नया तनाव यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर अमेरिका-रूस टकराव को और गहरा कर रहा है।
जहां ट्रंप का कहना है कि छह महीने बाद असर दिखेगा, वहीं पुतिन का दावा है कि रूस दबाव में नहीं झुकेगा।
अब वैश्विक बाजार की नजर इस पर टिकी है कि इन प्रतिबंधों का रूस की अर्थव्यवस्था और तेल व्यापार पर वास्तविक प्रभाव कितना गहरा पड़ता है।
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