“अद्भुत पहल”: मचाडो ने ट्रंप को सौंपा अपना नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप बोले, यह आपसी सम्मान का सुंदर संकेत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आखिरकार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से नोबेल शांति पुरस्कार का पदक प्राप्त हुआ। यह कदम मौजूदा नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो की ओर से एक राजनीतिक दांव के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य उस रिपब्लिकन नेता का समर्थन हासिल करना है, जिन्होंने हाल ही में वेनेजुएला की सत्तारूढ़ सरकार को चुनौती देने में उनका साथ देने से इनकार..

“अद्भुत पहल”: मचाडो ने ट्रंप को सौंपा अपना नोबेल शांति पुरस्कार, ट्रंप बोले, यह आपसी सम्मान का सुंदर संकेत
16-01-2026 - 10:46 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आखिरकार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से नोबेल शांति पुरस्कार का पदक प्राप्त हुआ। यह कदम मौजूदा नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो की ओर से एक राजनीतिक दांव के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य उस रिपब्लिकन नेता का समर्थन हासिल करना है, जिन्होंने हाल ही में वेनेजुएला की सत्तारूढ़ सरकार को चुनौती देने में उनका साथ देने से इनकार कर दिया था।

मचाडो को अपने देश की “लोकतांत्रिक नेता-इन-वेटिंग” (भावी लोकतांत्रिक नेता) के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन इसी महीने की शुरुआत में ट्रंप के फैसले—पहले वेनेजुएला के लंबे समय से सत्ता में रहे नेता निकोलस मादुरो को हटाने की दिशा में कदम उठाने और फिर उनके उपनेता का समर्थन करने—ने उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया।

व्हाइट हाउस में मुलाकात के बाद ट्रंप ने मचाडो की जमकर सराहना की और कहा कि उन्होंने उन्हें “मेरे द्वारा किए गए कार्यों के लिए अपना नोबेल शांति पुरस्कार सौंपा है।”
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “वह एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि मचाडो द्वारा उन्हें पदक सौंपना “आपसी सम्मान का एक बेहद सुंदर संकेत” है।

क्या मचाडो अपना नोबेल पुरस्कार ट्रंप को दे सकती हैं?

नोबेल संस्थान ने स्पष्ट किया है कि मचाडो अपने पुरस्कार को ट्रंप को नहीं दे सकतीं—यह वही सम्मान है, जिसकी ट्रंप लंबे समय से इच्छा जताते रहे हैं। भले ही यह कदम केवल प्रतीकात्मक ही क्यों न हो, लेकिन इसे असाधारण माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि ट्रंप ने हाल के समय में मचाडो को हाशिये पर डाल दिया है, जबकि वे लंबे समय से वेनेजुएला में प्रतिरोध की प्रमुख चेहरा रही हैं।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि ट्रंप इस पदक को अपने पास रखने का इरादा रखते हैं।

मचाडो ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस से निकलकर कैपिटल हिल जाते समय मचाडो ने पत्रकारों से कहा, “मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति को यह पदक नोबेल शांति पुरस्कार सौंपा है।”
उन्होंने कहा कि यह कदम उन्होंने “हमारी स्वतंत्रता के प्रति उनके विशिष्ट प्रतिबद्धता के सम्मान में” उठाया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रंप ने वेनेजुएला में लोकतांत्रिक शासन के समर्थन को लेकर संदेह जताया है और यह भी नहीं बताया कि वहां चुनाव कब कराए जाएंगे।

ट्रंप का कहना रहा है कि मचाडो के लिए नेतृत्व करना मुश्किल होगा, क्योंकि “उन्हें देश के भीतर न तो पर्याप्त समर्थन है और न ही सम्मान।” हालांकि व्यापक तौर पर माना जाता है कि मचाडो की पार्टी ने 2024 के चुनाव जीते थे, जिन्हें मादुरो ने खारिज कर दिया था। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि वे कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ काम करने को तैयार हैं, जो पहले मादुरो की दूसरी कमान में थीं।

गुरुवार को मचाडो ने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान ट्रंप ने बहुत अधिक ठोस विवरण नहीं दिए। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि बैठक में और क्या-क्या चर्चा हुई।

बंद कमरे में हुई बैठक के बाद मचाडो ने व्हाइट हाउस के गेट के पास जमा अपने दर्जनों समर्थकों का अभिवादन किया। उन्होंने कई लोगों को गले लगाया।
उन्होंने समर्थकों से कहा, “हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं,” हालांकि उन्होंने इस पर और विस्तार नहीं किया। इस पर कुछ देर के लिए समर्थकों ने नारे लगाए—“धन्यवाद, ट्रंप।”

वॉशिंगटन आने से पहले मचाडो सार्वजनिक रूप से नहीं दिखी थीं। पिछले महीने वे नॉर्वे गई थीं, जहां उनकी बेटी ने उनकी ओर से नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त किया था। इससे पहले मचाडो लगभग 11 महीनों तक वेनेजुएला में छिपकर रह रही थीं और समारोह के बाद पहली बार नॉर्वे में सार्वजनिक रूप से नजर आई थीं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।