अफगानिस्तान की अलोकतांत्रिक तालिबान सरकार ने बढ़ाया भारत से दोस्ती का हाथ, अनस हक्कानी बोला, क्रिकेट को बनाएं दोस्ती का जरिया

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अफगानिस्तान की अलोकतांत्रिक तालिबान सरकार ने बढ़ाया भारत से दोस्ती का हाथ, अनस हक्कानी बोला, क्रिकेट को बनाएं दोस्ती का जरिया
17-06-2022 - 12:59 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

अफगानिस्तान की अलोकतांत्रिक तालिबान सरकार ने बढ़ाया भारत से दोस्ती का हाथ, अनस हक्कानी बोला, क्रिकेट को बनाएं दोस्ती का जरिया

अफगानिस्तान में अलोकतांत्रिक तालिबान का कब्जा है और भारत की नीति हमेशा से लोकतांत्रिक देशों के साथ संबंध बनाने की रही है। इसके अलावा भारत ने पड़ोसी पाकिस्तान समर्थित तालिबान के आतंक को झेला भी है। यही वजह है कि भारत अब अफगानिस्तान के साथ चाहकर भी दोस्ती का अनिच्छुक रहा है। भारत की इसी हिचकिचाहट को समझने को बावजूद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार की ओर से दोस्ती का हाथ बढ़ाया जा रहा है।

बहुत संभव है कि तालिबान को अब भारत की जरूरत महसूस होने लगी हो और इसी कारण उसके वरिष्ठ नेता अनस हक्कानी ने भारत की तारीफ के पुल बांधते हुए कहा है कि भारत के लिए अफगानिस्तान के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं। उसने क्रिकेट के जरिए दोनों भारत और अफगानिस्तान के संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया है। अनस हक्कानी तालिबान सरकार में पूर्व अफगान अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं की वापसी और संचार आयोग का मुखिया है। वह हक्कानी नेटवर्क के सरगना और अफगानिस्तान के गृहमंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी का भाई भी है।

अनस हक्कानी का कहना है कि अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनाने के बाद अब शांति और विचार-विमर्श का समय आ गया है। अब हमारे पास दुनिया के लिए विशेष रूप से पड़ोसी देशों के लिए इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान की नीति है और इसमें भारत भी शामिल है। भारत अपनी शांति और विकास की नीति के साथ हमारे साथ मेलजोल को आगे बढ़ा सकता है जैसा कि पिछली सरकार के साथ था। इसके लिए अमीरात के दरवाजे खुले हैं। अनस ने कहा है कि अफगानिस्तान के साथ राजनयिक संबंध और विचार-विमर्श एक बार फिर से पहले की तरह बहाल किये जाने की पूरी-पूरी संभावना है।

भारत, अफगानिस्तान के लोगों के साथ मैत्री रखे

हक्कानी ने कहा कि अफगानिस्तान में भारत का जो भी निवेश है, उसे अमीरात की स्थिर सरकार के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। अमीरात अपना समर्थन और आश्वासन देता है। इसके बावजूद अगर कोई समस्या है तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आशंकाओं का समाधान किया जाए। हम चाहते हैं कि भारत अपने दूतावास को फिर से खोले, अफगान लोगों के साथ मैत्रीपूर्ण माहौल में मिले। अमीरात को कोई समस्या नहीं है और इसके दरवाजे खुले हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।