संसद के शीतकालीन सत्र से सिर्फ दो दिन पहले क्यों बुलाई केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक
<p><em>संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 4 दिसम्बर से हो रही है, ऐसे में सत्र से पहले शनिवार, 2 दिसंबर को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक हुई।विपक्ष की मांग थी की सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करे। जिसमें विपक्ष की इस मांग पर मोदी सरकार ने सहमति दे दी है । </em></p>
इस सहमति के लिए बुलाई गयी थी बैठक
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू होगा और इसमें कुल 15 बैठकें होंगी। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। शीतकालीन सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि शून्यकाल नियमित रूप से होता रहा है। हमने अनुरोध किया कि सार्थक बहस के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखा जाना चाहिए। चर्चा नियमों और प्रक्रियाओं का पालन होना चाहिए। सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। पार्लियामेंट लाइब्रेरी बिल्डिंग में बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी नेता प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बैठक में 23 दलों के 30 नेताओं ने भाग लिया।
4 दिसंबर से शीतकालीन सत्र
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के एक दिन बाद संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर (सोमवार) को शुरू होने वाला है। जैसे-जैसे लोकसभा 2024 के चुनावों की गति बढ़ती जा रही है, 3 दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजों को अगले आम चुनावों की भविष्यवाणी के रूप में देखा जा रहा है। सर्वदलीय बैठक आम तौर पर सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई जाती है, इस बार विधानसभा चुनाव की मतगणना के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है।
इन विधेयकों पर हो सकती है चर्चा
संसद के शीतकालीन सत्र में 22 दिसंबर तक 15 बैठकें होने वाली हैं। सत्र के दौरान आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम को बदलने वाले तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार किया जा सकता है।
संसद में 37 विधेयक लंबित
गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश किया जा सकता है। बता दें, अभी संसद में 37 विधेयक पेंडिग हैं। जिनमें से 12 विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। वहीं, सात विधेयकों को संसद में पेश करने और उसे पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
What's Your Reaction?