गुजरात में 1 और 5 दिसंबर को चुनाव, हिमाचल प्रदेश के साथ ही 8 दिसंबर को आएंगे परिणाम
<p><em><strong>देश के पश्चिमी राज्य गुजरात विधानसभा के लिए 1 और 5 दिसंबर को चुनाव होगा। चुनाव आयोग ने गुजरात विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि पहले चरण में राज्य की 89 सीटों पर एक दिसंबर को मतदान होगा और दूसरे चरण में 93 सीटों पर 5 दिसंबर को मतदान होगा।</strong></em></p>
दिल्ली में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि मोरबी की घटना के पीड़ितों के प्रति हम दुख जताना चाहते हैं। उनको हम श्रद्धांजलि देते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में 4.91 करोड़ मतदाता हैं, इनमें से 4.61 लाख नये मतदाता जुड़े हैं। इनमें से 9.87 लाख मतदाता 80 साल से ज्यादा के हैं। गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं। 18 फरवरी 2023 को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। गुजरात में 15वीं विधानसभा के चुनावों का नतीजा 8 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों के साथ ही आएगा।
राजीव कुमार ने बताया कि गुजरात में कुल 51782 मतदान केंद्र और 142 मॉडल मतदान केंद्र का इंतजाम किया जाएगा। दिव्यांगों के लिए 182 स्पेशल पोलिंग स्टेशन और सिर्फ महिलाओं के लिए 1274 मतदान केंद्र का विशेष प्रबंध किया जाएगा। उल्लेखनीय यह भी है कि गिर सोमनाथ जिले के मधुपुर जंबूर में सिर्फ एक वोटर के लिए 15 चुनाव कर्मियों की टीम को भेजा जाएगा
यह भी बता दें कि गुजरात में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव भी दो चरणों में हुए थे। पहले चरण के लिए तब 9 दिसंबर और दूसरे चरण के लिए 14 दिसंबर को मतदान हुआ था। इस तरह 18 दिसंबर को घोषित हुए चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी को 99 सीटें मिली थीं। कांग्रेस ने 77 सीटें हासिल की थीं। दो सीटों पर भारतीय ट्राइबल पार्टी और एक सीट पर एनसीपी के उम्मीदवार को जीत मिली थी। इसके अलावा तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों को मिली थीं। जिग्नेश मेवाणी वडगाम सीट पर कांग्रेस के समर्थन से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे।
उस चुनाव में हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी की युवा तिकड़ी ने चुनाव को नजदीकी बना दिया था। हालांकि इस बार ये तिकड़ी चुनाव में दिखाई नहीं देगी क्योंकि अल्पेश ठाकोर और हार्दिक पटेल ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
गुजरात में अब तक के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच ही टक्कर देखने को मिली है। लेकिन, इस बार आम आदमी पार्टी भी राज्य में पूरी ताकत झोंक रही है। आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मुफ्त बिजली, पानी और शिक्षा जैसे लुभावने चुनावी वादे किए हैं। उधर चुनाव के ऐलान से पहले बीजेपी ने समान नागरिक संहिता पर रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में समिती बनाने का ऐलान करते हुए बड़ा दांव खेला है। गुजरात तीन दशक से बीजेपी का अभेद्य गढ़ बना हुआ है। इस भाजपा का 150 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य है।
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