दीपावली महापर्व पर पांच त्योहार की तिथियां और पूजन के मुहूर्त

दीपावली महापर्व पर पांच त्योहार की तिथियां और पूजन के मुहूर्त
21-10-2022 - 11:23 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

पांच दिवसीय महापर्व दीपावली पर मनाये जाने वाले हर पर्व की तिथियों में भारतवर्ष में इस वर्ष बहुत अधिक अंतर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा दीपावली के दूसरे दिन यानी 25 अक्टूबर 2022 को सूर्यग्रहण भी है जिसका सूतक सूर्योदय के साथ ही लग जाएगा। यही वजह है कि मुहूर्त के अनुसार त्योहार मनाने के लिए तिथियों में बहुत से मतांतर देखने को मिल रहे हैं। विभिन्न मतों के अनुसार जो आम सहमति बन रही है, उसके आधार पर हम महापर्व की तिथियां और समय की जानकारी दे रहे हैं।   

धनतेरस 22 अक्टूबर 2022

धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी को मनाई जाती है। इस दिन सायंकाल घर के मुख्य दरवाजे पर दक्षिण मुखी दीपक तेल से भरकर प्रज्ज्वलित किया जाता है। इस दिन दिन चांदी, पीतल आदि के बर्तन खरीदना शुभ माना गया है। इस वर्ष शनिवार, 22 अक्टूबर को सायं 6:00 बजकर 3 मिनट के बाद त्रयोदशी लक्कड़ प्रदोष काल में व्याप्त है। धनतेरस को इस वर्ष त्रिपुष्कर योग भी है। इसमें योग में पूजा भगवान धन्वन्तरी और कुबेर देव की पूजा करना विशेष लाभप्रद है। त्रिपुष्कर योग दोपहर 1:00 बजकर 50 मिनट से 6:03 बजे तक रहेगा।

नरक चतुर्दशी 23 अक्टूबर 2022

कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी या रूप चतुर्दशी के तौर पर मनाते हैं। इस दिन प्रदोष काल में दीपदान करने और चंद्रोदय काल स्नान कर करने से मनुष्य को नरक से मुक्ति मिलती है। कहा जाता है कि इससे यमराज प्रसन्न होते हैं। इस वर्ष रविवार, 23 अक्टूबर को शाम 6:04 बजे के बाद प्रदोष काल में चतुर्दशी आने से नरक चतुर्दशी निमित्त स्नान और पूजन होगा। इसके बाद छोटी दिवाली मनाई जाएगी।

दीपावली 24 अक्टूबर 2022

सोमवार, 24 अक्टूबर 2022 को प्रदोष काल में अमावस्या होने से इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी। लक्ष्मी पूजन प्रदोष व्रत अमावस्या को स्थिर लग्न व स्थिर नवांश में करना श्रेष्ठ माना गया है। इस वर्ष लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल सायं 5:47 से रात्रि 8:21, वृष लग्न रात 7:03 से 9:00 बजे तक फिर सिंह लग्न मध्य रात्रि बाद 1:30 से 3:49 बजे तक रहेगा। इन सबके मध्य सर्वश्रेष्ठ पूजन समय रात्रि 7:15 से 7:28 बजे तक रहेगा जिसमें प्रदोष काल, स्थिर वृष लग्न, कुंभ का स्थिर नवांश रहेगा।

गोवर्धन पूजा व अन्नकूट 25/26 अक्टूबर 2022

दीपावली पर्व के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा अन्नकूट पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष मंगलवार, 25 अक्टूबर को अमावस्या व ग्रस्तास्त सूर्य ग्रहण होने से सूतक आदि के चलते गोवर्धन पूजा अन्नकूट के पर्व नहीं मनाये जा सकते हैं। मंगलवार, 25 अक्टूबर 2022 को होने वाला खंडग्रास सूर्य ग्रहण सायं काल 4:15 से 5:30 बजे  के मध्य अलग-अलग समय पर प्रारंभ होकर सूर्यास्त तक दिखाई देगा ग्रहण की समाप्ति सूर्यास्त के बाद होने के कारण यह ग्रहण ग्रस्तास्त कहलायेगा।

ग्रहण का सूतक 25 अक्टूबर 2022 को सूर्योदय पूर्व प्रातः 4:00 बजकर 15 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगा। इसके पश्चात धार्मिकजन को भोज्य सामग्री ग्रहण नहीं करना चाहिए। कम से कम ग्रहण काल का समय तो छोड़ना ही उपयुक्त माना जाता है। उल्लेखनीय है कि कई समाजों में गोवर्धन पूजा सायंकाल गोधूलि पश्चात में मनाई जाती है इसलिए अपने किसी पंडित जी या कुलगुरू आदि से चर्चा करके यह जान लें कि क्या आप ग्रहण खत्म होने के बाद गोवर्धन पूजा कर सकते हैं। सूतक समाप्त होने के बाद पूजन पठन करने का विधान है। मंदिरों में पूजन शुरू हो जाएंगे और इसीलिए संध्याकाल में गोवर्धन पूजन किया जा सकता है। यदि सायंकाल गोवर्धन पूजा नहीं हो तो यह दूसरे दिन यानी 26 अक्टूबर को प्रातःकाल भी कर सकते हैं और इसी दिन अन्नकूट का भोग भी लगाया जा सकता है। 

भाई दूज 27 अक्टूबर 2022

भाई दूज व यम द्वितीया कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाई जाती है। भाई दूज के संबंध में कहा गया है कि इस दिन यमुना ने अपने भाई यम को अपने घर बुलाकर भोजन कराया और उसकी पूजा अर्चना की थी। अतः इसी दिन सभी बहनें अपने भाइयों को घर बुलाकर भोजन कराती हैं और उनकी अर्चना करती है। ज्योतिषियों का मत है कि भाई दूज के लिए मध्यान्ह व्यापिनी द्वितीया को ही श्रेयस्कर मानना चाहिए। क्योंकि यही समय दोपहर भोजन का होता है। इस मतानुसार 27 अक्टूबर 2022 को ही मनानी होगी क्यों इसी दिन मध्यान्ह व्यापिनी द्वितीया है। भारतीय स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार यह काल सुबह 11:03 बजे सायं 3:30 बजे तक रहेगा।

 

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।