सन् इकहत्तर ( वर्ष 1971) में अगर मोदी पीएम होते तो अपनी ज़मीनें पाक और चीन से छीन लेते : बृजभूषण शरण सिंह

<p><em>बृजभूषण शरण सिंह (भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष &nbsp;जिनके खिलाफ कई महीनो से देश की शीर्ष महिला पहलवानों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है) ने गोंडा के बालपुर में एक सभा में अपने सम्बोधन के दौरान कहा कि अगर मोदी 1971 में प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तान और चीन से जमीन छीन ली जाती। </em>उन्होंने यह भी कहा कि वह फिर से कैसरगंज सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।</p>

सन्  इकहत्तर ( वर्ष 1971) में अगर मोदी पीएम होते तो अपनी ज़मीनें पाक और चीन से छीन लेते : बृजभूषण शरण सिंह
12-06-2023 - 01:01 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

कैसरगंज से भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने रविवार को कहा कि अगर नरेंद्र मोदी 1971 में प्रधानमंत्री होते तो 1947 में पाकिस्तान और 1962 में चीन के कब्जे वाली जमीन बरामद हो गई होती। सिंह केंद्र में मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर बालापुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।

उन्होंने कहा, '1947 में जब कांग्रेस सत्ता में थी तब इस देश के विभाजन के घाव अभी तक भरे नहीं हैं।पाकिस्तान ने कांग्रेस के सत्ता में रहने के दौरान 78,1962 वर्ग किलोमीटर जमीन हड़प ली थी। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब चीन ने हम पर हमला किया और हमारी 33,००० वर्ग किलोमीटर जमीन हड़प ली।सिंह ने आगे कहा कि 1971 में एक अभूतपूर्व घटना में 92,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें पुराना हिसाब निपटाए बिना रिहा कर दिया था।यदि मोदी जैसा प्रधान मंत्री होता तो कब्ज़ा की गयी ज़मीन को वापिस ले लिया गया होता ।

अगर मोदी जैसा कोई प्रधानमंत्री होता तो अधिग्रहित जमीन को फिर से हासिल कर लिया गया होता। उन्होंने 1975 में देश में आपातकाल लगाने के लिए कांग्रेस पर हमला किया। सिंह ने कांग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों में सिखों की हत्या करने का भी आरोप लगाया।

हालांकि, भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख ने अपने 23 मिनट के भाषण में पहलवानों का कहीं जिक्र नहीं किया।उन्होंने यह भी कहा कि वह फिर से कैसरगंज सीट से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। दिलचस्प बात यह भी है कि दो जून को अयोध्या के जिला प्रशासन ने यौन शोषण मामले में आरोपी बृजभूषण शरण सिंह को पांच जून को रैली का आयोजन करने की अनुमति देने से मना कर दिया था।

हालांकि सिंह ने कहा था कि उनके खिलाफ पहलवानों के आरोपों की चल रही जांच की वजह से राम कथा पार्क में होने वाली जन चेतना महारैली कुछ दिनों के लिए टाल दी गई है। फेसबुक पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा था, ''मेरे प्यारे शुभचिंतकों, आपके सहयोग से मैंने लोकसभा सदस्य के तौर पर पिछले 28 वर्षों से सेवा की है। मैंने सत्तारूढ़ पार्टी में या विपक्ष में रहते हुए सभी जातियों, समुदायों और धर्मों के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया है। यही वजह से कि मेरे राजनीतिक प्रतिद्वंदियों और उनकी पार्टियों ने मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं।मौजूदा स्थिति में कुछ राजनीतिक दल क्षेत्रवाद और जातीय टकराव को बढ़ावा देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।'' 

विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक समेत प्रमुख पहलवानों ने सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया है और 23 अप्रैल से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि आठ जून को एक नाबालिग पहलवान के पिता ने कहा कि उन्होंने सिंह के खिलाफ पुलिस में जानबूझकर एक झूठी शिकायत की। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा प्रदर्शनकारी पहलवानों को दिए गए आश्वासन के मुताबिक, यौन उत्पीड़न की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने 200 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं और वह 15 जून को आरोप पत्र दाखिल करेगी। पहलवानों ने तब तक के लिए अपना विरोध टालने पर सहमति जताई है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।