Shami Hasin Jahan Case : सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं हसीन जहां, मोहम्मद शमी पर आरोप- ‘क्रिकेट टूर के दौरान बनाए वेश्याओं से संबंध’

<p><em><strong>मोहम्मद शमी और हसीन जहां का निकाह 2014 में हुआ. शादी के कुछ सालों बाद हसीना जहां ने शमी पर कई तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए।</strong></em></p>

Shami Hasin Jahan Case : सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं हसीन जहां, मोहम्मद शमी पर आरोप- ‘क्रिकेट टूर के दौरान बनाए वेश्याओं से संबंध’
04-05-2023 - 07:09 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

क्रिकेटर मोहम्मद शमी से अलग रह रही उनकी पत्नी हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हसीन जहां ने पश्चिम बंगाल के जादवपुर में अपनी तरफ से दर्ज कराए गए अपराधिक मामले पर लगी रोक का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि पहले सेशंस कोर्ट ने मामले पर रोक लगाई। बाद में हाई कोर्ट ने भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इस वजह से 4 साल से मामला रुका हुआ है।
मोहम्मद शमी पर हसीन जहां के आरोप
मोहम्मद शमी और हसीन जहां का निकाह 2014 में हुआ। शादी के कुछ सालों बाद हसीना जहां ने शमी पर कई तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए। उन्होंने शमी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और दूसरी महिलाओं से संबंध रखने के आरोप लगाए। अब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में फिर से उन्होंने यह आरोप दोहराए हैं। हसीन जहां ने कहा है कि क्रिकेट टूर में रहने के दौरान शमी ने वेश्याओं से संबंध बनाए। इसका विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। दहेज की भी मांग की। मोहम्मद शमी लगातार इन आरोपों को झूठा बताकर इनका विरोध करते रहे हैं।
सेशंस कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग
मोहम्मद शमी के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज करा चुकी हसीन जहां ने आईपीसी की धारा 498ं (दहेज उत्पीड़न) और 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने) के मामले में पश्चिम बंगाल के जादवपुर में 2018 में शमी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी. 2019 में सेशंस कोर्ट ने मामले पर रोक लगा दी. इस साल मार्च में कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी सेशंस कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा. हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर हाई कोर्ट और सेशंस कोर्ट के आदेश को रद्द करने की मांग की है.

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।