क्या शरद पवार बनेंगे विपक्ष की धुरी? सर्वे में दिखा सिर्फ सस्पेंस
<p><em><strong>शरद पवार ने मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष पद छोड़ने का एलान किया है। उनकी इस घोषणा के बाद यह सर्वे किया गया है।</strong></em></p>
पूर्व सीएम शरद पवार की ओर से मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा करने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उनके इस नाटकीय कदम का राष्ट्रीय और महाराष्ट्र की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है। उनकी इस घोषणा के बाद जहां एनसीपी में घमासान मच गया तो वहीं कई तरह की अटकलें भी शुरू हो गईं।
ऐसे सियासी माहौल में जनता की राय जानने के लिए किए गए त्वरित सर्वे में सवाल किया गया कि क्या एनसीपी अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद शरद पवार अब विपक्ष की धुरी बनेंगे? इस सवाल के जनता ने बेहद चैंकाने वाले जवाब दिए हैं। सर्वे में शामिल लोगों में से 31 प्रतिशत का मानना है कि हां, शरद पवार अब विपक्ष की धुरी बनेंगे। जबकि 31 प्रतिशत लोगों ने ना में जवाब दिया। 38 प्रतिशत लोगों ने पता नहीं कहा। एनसीपी अध्यक्ष पद से शरद पवार के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के इस सर्वे में 1 हजार 638 लोगों से बात की गई है। इस सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर प्लस माइनस 3 से प्लस माइनस 5 फीसदी है।
विपक्षी दलों की एकजुटता का क्या होगा
गौरतलब है कि हाल में विपक्षी दलों की कई बार मुलाकात हुई है जिसमें शरद पवार भी शामिल रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने का प्रयास कर रहे बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी शरद पवार से मुलाकात की थी। पवार ने मंगलवार को कहा कि मेरी राज्यसभा की सदस्यता का तीन वर्ष का कार्यकाल शेष है। इस दौरान मैं बिना किसी पद के महाराष्ट्र और देश के मुद्दों पर ध्यान दूंगा।
शरद पवार की भूमिका को माना जा रहा अहम
शरद पवार ने ये ऐलान ऐसे समय किया है, जब उन्हें अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले विभिन्न विचारधारा वाले विपक्षी दलों को साथ लाने में अहम भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है। उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वह शिक्षा, कृषि, सहकारिता, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में बहुत काम करना चाहते हैं और युवाओं, छात्रों, कार्यकर्ताओं, दलितों, आदिवासियों एवं समाज के अन्य कमजोर वर्गों के मुद्दों पर ध्यान देना चाहते हैं।
What's Your Reaction?