महादेव के रुद्रस्वरूप व पांचवे अवतार कालभैरव के बारे में जानें सब कुछ, इस साल कब कब पड़ेगी कालाष्टमी
<p>हिन्दू पंचांग के अनुसार कालाष्टमी, प्रत्येक माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान काल भैरव जो की शिव शंकर के रुद्रस्वरूप हैं उनकी पूजा की जाती है। कालभैरव को काशी का कोतवाल भी कहा जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, काल भैरव भगवान शिव के पांचवे आवतार हैं। इस दिन मां दुर्गा की पूजा का भी विधान है। </p>
कालाष्टमी प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आने वाला एक हिंदू त्यौहार है जोकि भगवान शिव के ही एक रौद्र रूप भगवान भैरव को समर्पित है। प्रत्येक माह में आने के कारण यह त्यौहार एक वर्ष में कुल 12 बार, तथा अधिक मास की स्थिति में 13 बार मनाया जाता है। काल भैरव को पूजे जाने के कारण इसे काल भैरव अष्टमी अथवा भैरव अष्टमी भी कहा जाता है।
कालभैरव के बारे में
भगवान भैरव भगवान शिव का एक अत्यंत क्रूर स्वरूप हैं और आमतौर पर विनाश से जुड़े हैं। प्राचीन हिंदू कथाओं के अनुसार, देवता शिव की उत्कृष्टता और आतंक का रूप हैं। वह भगवान शिव का एक भटकता हुआ अवतार है। ऐसा माना जाता है कि कुल मिलाकर 64 भैरव हैं। इन भैरवों को आठ खंडों के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। ब्रह्मांड के समय के सर्वोच्च शासक काल भैरव, भैरवों की देखरेख और निगरानी करते हैं।
मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष को आने वाली मास में पड़ने वाली कालाष्टमी सबसे अधिक प्रसिद्ध है जिसे कालभैरव जयंती के नाम से जाना जाता है। कालाष्टमी के रविवार अथवा मंगलवार के दिन पड़ने पर इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि सप्ताह के ये दिन भी भगवान भैरव को समर्पित माने जाते हैं।
कालाष्टमी 2024 तिथियाँ
पौष कालाष्टमी व्रत 4 जनवरी 2024
माघ कालाष्टमी व्रत 2 फरवरी 2024
फाल्गुन कालाष्टमी व्रत 3 मार्च 2024
चैत्र कालाष्टमी व्रत 1 अप्रैल 2024
वैशाख कालाष्टमी व्रत 1 मई 2024
ज्येष्ठा कालाष्टमी व्रत 30 मई 2024
आषाढ़ कालाष्टमी व्रत 28 जून 2024
सावन कालाष्टमी व्रत 27 जुलाई 2024
भाद्रपद कालाष्टमी व्रत 26 अगस्त 2024
अश्विन कालाष्टमी व्रत 24 सितम्बर 2024
कार्तिक कालाष्टमी व्रत 24 अक्टूबर 2024
काल भैरव जयंती 22 नवंबर 2024
पौष कालाष्टमी व्रत 22 दिसंबर 2024
कालाष्टमी कैसे मनाएं?
- कालाष्टमी भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, सूर्योदय से पहले उठकर जल्दी स्नान कर लें।
-काल भैरव के लिए एक विशेष पूजा करें और अपने सभी पापों के लिए आशीर्वाद और क्षमा मांगें।
- इस दिन आप जीवन में समृद्धि, सुख और सफलता प्राप्त करने के लिए उपवास भी कर सकते हैं।
कालाष्टमी पर भगवान भैरव को प्रसन्न करने के उपाय:
- कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसो के तेल का दीपक जलाएं और श्रीकालभैरवाष्टकम् का पाठ करें। मनोकामना पूर्ण होने तक प्रतिदिन इस उपाय को भक्ति भाव के साथ करें।
- कालाष्टमी के दिन चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखकर 21 बिल्वपत्र शिवलिंग को चढ़ाएं
- कुछ लोग काले कुत्ते को खिलाने में भी विश्वास करते हैं जिन्हें भगवान भैरव का वाहन माना जाता है। आप उन्हें दूध, दही और मिठाई खिला सकते हैं। इस उपाय को करने से भगवान भैरवऔर शनिदेव दोनों ही प्रस्सन होते हैं।
- ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
- कालाष्टमी के दिन से लेकर 40 दिनों तक लगातार काल भैरव का दर्शन करें। इस उपाय को करने से भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामना को पूर्ण करेंगे
आवृत्ति
मासिक
समय
1 दिन
प्रारम्भ तिथि
कृष्णा अष्टमी
समाप्ति तिथि
कृष्णा अष्टमी
महीना
हर महीने की कृष्णा अष्टमी।
मनाने का कारण
बाबा भैरव का प्रिय दिवस।
पूजा विधि
भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक, शिव मंदिर में अभिषेक।
महत्वपूर्ण जगह
भैरव मंदिर, शिव मंदिर, काल भैरव मंदिर वाराणसी
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