कर्नाटक सरकार के हस्तक्षेप के बाद ओला, उबर और रैपिडो ने घटाया बेस फेयर
कर्नाटक राज्य परिवहन विभाग ने जरा सी सख्ती दिखाई और
ऑटो सेवा संचालित करने वाली तीनों कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो ने शनिवार 8 अक्टूबर से राज्य में अपना बेस फेयर 60 रुपये प्रति राइड से घटाकर 30 रुपये कर दिया। कर्नाटक राज्य परिवहन विभाग ने दो दिन पहले एक नोटिस जारी कर अगले 3 दिनों के लिए बेंगलुरु में सभी एग्रीगेटर-रन ऑटो सर्विस को रोकने के लिए कह दिया था।
कंपनियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और ऑटो चालकों की आय बढ़ाने के लिए बेस फेयर को बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया था। यह मामला तब उठा था जब पिछले महीने कंपनियों ने एक ट्रिप का बेस फेयर 30 रुपये से बदलकर 60 रुपये कर दिया गया था।
आमतौर पर ऑटो सेवा की किसी भी यात्रा के ऑटो किराये में बेस फेयर, सरकार द्वारा अनिवार्य प्रति किलोमीटर किराया और एग्रीगेटर यानी ऑटो सेवा देने वाली कंपनी द्वारा लिया जाने वाला बुकिंग/कन्वीनियंस फीस प्रमुख होती है। बंगलुरु में न्यूनतम ऑटो किराया पहले 2 किलोमीटर के लिए 30 रुपये और उसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 15 रुपये सरकार ने तय कर रखा है।
टैक्सी सेवा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सीधे बुक किए जाने वाले ऑटो के मुकाबले, एग्रीगेटर्स के साथ बुकिंग में एक ‘पिक-अप’ सेवा शुल्क प्रावधान भी शामिल होता है। लेकिन, जैसे-जैसे तेल की कीमत में बदलाव आया, पिकअप की लागत बढ़ गई और ड्राइवरों के लिए किसी भी बढ़ोतरी को नजरअंदाज कर पिक-अप करना मुश्किल हो गया था। यही नहीं कोविड-19 के बाद पिक-अप डिस्टेंस भी बढ़ गई हैं।
कंपनियों ने कन्वीनियंस फीस को पहले की तरह ही 40 रुपये रखा है और न्यूनतम बेस फेयर जिसे बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया था उसे घटाकर अब 30 रुपये प्रति राइड कर दिया गया है। अब ऑनलाइन राइड के लिए बेसिक फेयर यानी किराया करीब 70 रुपये होगा, जो पहले 100 रुपये हो गया था।
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