जयपुरः विजयादशमी पर्व पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने की शस्त्र पूजा और किया पथसंचलन
<p><em>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयादशमी उत्सव राजधानी के 29 नगरों में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख स्वांत रंजन ने जयपुर के तेजाजी नगर में आयोजित कार्यक्रम में संगठित शक्ति के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा भारत की विशेषताओ को सम्पूर्ण विश्व मानता है। हमें भारत की विशेषताओ का अध्ययन करना चाहिए।</em></p> <p><em><img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1698162416path_parade.jpg" style="height:450px; width:800px" /></em></p>
रंजन ने कहा कि हमारे ऋषियों द्वारा दिए गए ज्ञान का अध्ययन करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य देश की भलाई के लिए है। हमें सम्पूर्ण हिन्दू समाज का संगठन करना है।
विजयादशमी के पर्व पर जयपुर में 37 स्थानों से पथसंचलन निकले। प्रत्येक संचलन में तकरीबन डेढ सौ से सात सौ तक स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाते हुए,, शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। वहीं घोष की स्वर लहरियों ने स्थानीय लोगों को भी अपनी ओर आकर्षित किया। विभिन्न मोहल्ला विकास समिति, संगठनों एवं नागरिको की ओर से पथसंचलन पर पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत किया।इससे पहले संघ स्थान स्वयंसेवकों ने वर्ष भर चलने वाले शारीरिक कार्यक्रम दंड योग सूर्य नमस्कार और नियुद्ध का प्रदर्शन किया। कार्यक्रमों में शस्त्र पूजन के साथ शुरुआत हुई।
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