पाक के नए आर्मी चीफ होंगे लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर ; लेंगे जनरल बाजवा की जगह
<p><em><strong>पाकिस्तान में नए सेना प्रमुख के नाम का एलान, लेफ्टिनेंट जनरल सैयद आसिम मुनीर पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ होंगे। वह जनरल कमर जावेद बाजवा का स्थान लेंगे।</strong></em></p>
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को नये सेना प्रमुख के लिए ले. जनरल मुनीर के नाम की घोषणा की है। उन्होंने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के पास उनके नाम का प्रस्ताव भेजा है। पाकिस्तान की सूचना एवं प्रसारण मंत्री मरियम औरंगजेब ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री शरीफ ने लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को ज्वाइंट चीफ्स ऑफ़ स्टाफ और लेफ्टिनेंट जनरल सैयद आसिम मुनीर को थल सेनाध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया है। सूचना मंत्री ने ट्विटर पर लिखा कि ले. जनरल मुनीर को देश की शक्तिशाली सेना का नया प्रमुख बनाया गया है। उन्होंने बताया कि वह निवर्तमान जनरल कमर जावेद बाजवा से पदभार ग्रहण करेंगे। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी इन दोनों नियुक्तियों पर अंतिम मुहर लगाएंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ये नियुक्तियां कानून और संविधान के मुताबिक हुई हैं। उन्होंने अपील की कि देश को इसे राजनीतिक लैंस से देखने से परहेज करना चाहिये।
जनरल बाजवा का रिटायरमेंट 29 नवंबर को
पाकिस्तान के मौजूदा आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा 2016 में पाकिस्तान के आर्मी चीफ बने थे। उनका पहला कार्यकाल 29 नवंबर 2019 को खत्म हो गया था। हालांकि, बाद में उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन मिला था. 61 साल के जनरल बाजवा का कार्यकाल 29 नवंबर 2022 तक है। हालांकि, इससे पहले पाकिस्तान में नए आर्मी चीफ का ऐलान हो गया है।
सैयद आसिम मुनीर की क्या है पृष्ठ्भूमि
लेफ्टिनेंट जनरल असीम मुनीर मंगला ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल कार्यक्रम से पाकिस्तानी सेना में शामिल हुए और फिर फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट में एक कमीशन अधिकारी बने। उन्होंने ब्रिगेडियर के रूप में उत्तरी क्षेत्र बल की कमान संभाली और 2017 में वह सैन्य खुफिया विभाग के महानिदेशक बने। वर्ष 2018 में उनकी नियुक्ति इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक के रूप में हुई। इसके बाद वह दो वर्षों तक गुजरांवाला के कोर कमांडर पद पर तैनात रहे। वर्तमान में वह जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) में क्वार्टर मास्टर के रूप में तैनात हैं। वह पहले सेना प्रमुख होंगे जिन्होंने एमआई और आईएसआई दोनों का नेतृत्व किया है। लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर पहले सेना प्रमुख भी होंगे जिन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया है।
क्या है पाकितान में सेना का रुतबा
पाकिस्तान में चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के पास सशस्त्र बलों के पदानुक्रम का अधिकार होता है। लेकिन सैनिकों की तैनाती, नियुक्तियों और स्थानांतरण सहित प्रमुख शक्तियां थल सेनाध्यक्ष (आर्मी चीफ) के पास होती हैं। इस कारण ही इस कुर्सी पर बैठने वाला शख्स सेना में सबसे शक्तिशाली बन जाता है। बता दें कि पाकिस्तान को आजाद हुए करीब 75 साल हो चुके हैं और इसमें से आधे समय देश पर सेना का शासन रहा है।
पाकिस्तान में ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ऐसा फॉरम है, जो तीनों सेनाओं के बीच कोऑर्डिनेशन का काम करता है। पाकिस्तान में चेयरमैन ऑफ द जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ प्रधानमंत्री और नेशनल कमांड अथॉरिटी के मुख्य सैन्य सलाहकार के तौर पर काम करता है।
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