पुतिन टपका रहे शहद, जयशंकर चले रूस, क्या भारत रोक पाएगा यूक्रेन युद्ध..!
<p><em><strong>उनके इस दौरे के अहमियत को इस बात से भी समझा जा सकता है कि कुछ दिनों के भीतर रूसी राष्ट्रपति पुतिन दो बार भारत के प्रधानमंत्री और भारतीयों की तारीफ कर चुके हैं।</strong></em></p>
रूस-यूक्रेन युद्ध कब खत्म होगा और क्या इसमें भारत की अहम भूमिका हो सकती है। वैश्विक राजनीति में यह चर्चा जोर पकड़ रही है क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार को रूस रवाना हो रहे हैं। जयशंकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बातचीत करेंगे। उनके इस दौरे की अहमियत को इस बात से भी समझा जा सकता है कि कुछ दिनों के भीतर रूसी राष्ट्रपति पुतिन दो बार भारत के प्रधानमंत्री और भारतीयों की तारीफ कर चुके हैं। इस बीच, रूस के खास दोस्त चीन ने एक ऐसा बयान दिया है, जो मास्को को पसंद नहीं आएगा। दरअसल, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियार के इस्तेमाल की धमकी को गलत बताया है।
रूस के दोस्त ने दे दिया धोखा..!
चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने पेइचिंग में जर्मन चांसलर ओलाज स्कोल्ज के साथ बैठक में रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियार का इस्तेमाल गलत होगा। जर्मन चांसलर ने चीन से यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए पहल करने की कोशिश की है।
पुतिन ने दो बार की मोदी की तारीफ
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार भारत की विकास गाथा की तारीफ की। पुतिन ने कहा कि भारत के लोग बहुत प्रतिभाशाली हैं। वे विकास के मामले में बेहतर रिजल्ट हासिल करने में अपने देश की मदद करेंगे। पुतिन की यह टिप्पणी विदेश मंत्री एस जयशंकर की मॉस्को यात्रा से कुछ ही दिन पहले आई है। पुतिन की इस तारीफ से एक बात साफ है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच उसे भारत से काफी उम्मीदें हैं।
रूस को मिला भारत का सहारा
रूस अक्टूबर में सऊदी अरब और इराक को पीछे छोड़ते हुए भारत को सबसे अधिक तेल सप्लाई करने वाला देश बन गया। अक्टूबर 2022 के दौरान रूस ने भारत को 935,556 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) कच्चे तेल की आपूर्ति की है। यह उसके द्वारा भारत को कच्चे तेल की अब तक की सर्वाधिक आपूर्ति है।
हर चेतावनी को हवा में उड़ाया
भारतीय विदेश मंत्री का रूस दौरा और हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच जो निकटता और बढ़ी है उससे चीन और अमेरिका दोनों टेंशन में हैं। रूस के मामले में अमेरिका की हर चेतावनी को भारत ने हवा में उड़ा दिया।
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