RSS ने कहा कि परतंत्रता के प्रतीकों से मुक्त होना है आवश्यक, जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में निकाला पथ संचलन
<p><em>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा रविवार, 21 अप्रेल को जयपुर शहर में पंथ संचलन निकाला गया। गुणवत्ता पथ संचलन मेें गालव भाग के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। संचलन शाम 5.45 बजे चौगान स्टेडियम से प्रारंभ होकर छोटी चौपड़, किशनपोल, न्यू गेट, त्रिपोलिया दरवाजा, बड़ी चौपड़, सांगानेरी दरवाजा होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। इस अवसर पर समाज की ओर से मार्ग में अनेकों स्थानों पर भारत माता के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा की गई। </em><br /> <img alt="" src="https://www.newsthikana.com/uploads/news/1713722121gunvatta.jpg" style="height:450px; width:800px" /></p>
रामलीला मैदान पर समापन कार्यक्रम में जयपुर प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक कुरूतियों एवं परतंत्रता के प्रतिक चिन्हों से मुक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा गुलामी के प्रतिक चिन्ह हमारे जीवन में रहने ही नहीं चाहिए हम। अलौकिक थे, है और रहेंगे। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक ने एक विवाह समारोह का जिक्र करते हुए पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। अपने उद्बोदन में उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के दर्शन एवं राम के चरित्र की देश को महती आवश्यकता है। उन्होंने भगवान महावीर के संदेशों को जीवन में उतारने का आव्हान किया।
कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में संघ चालक सहित सेना से सेवा निवृत्त बिग्रेडियर सुरेन्द्र अनिमेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
What's Your Reaction?