Shri Sammed Shikharji : जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध में उतरे सनातनी आचार्य ,आध्यात्मिक चिंतक व प्रेरक आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया 

<p><em>&nbsp;Shri Sammed Shikharji :&nbsp; नैतिक शिक्षाविद्&nbsp;,आध्यात्मिक चिंतक व प्रेरक आचार्य सत्यनारायण&nbsp;पाटोदिया ने खुला पत्र लिखकर सबको अवगत कराया,जैन समुदाय के समर्थन में उन्होंने अन्न त्याग की घोषणा की ।</em></p>

Shri Sammed Shikharji : जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध में उतरे सनातनी आचार्य ,आध्यात्मिक चिंतक व प्रेरक आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया 
05-01-2023 - 02:25 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

उन्होंने एक खुला पत्र लिखकर यह घोषणा की है, जो कि इस प्रकार है  :

प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्कार। 
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार।
अपने जीवन के 75 वर्ष पूरे कर चुका हूं और अब 76वां वर्ष प्रारंभ हो गया है ।  मैं संन्यास आश्रम में आ गया हूं।  इसलिए अब समाज की सेवा करके अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहता हूं। धर्म धारण करके अपने जीवन को सफल बनाना चाहता हूं।
 
श्री सम्मेद शिखरजी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए और सरकार को जगाने  के लिए सम्पूर्ण जैन समाज प्रयत्नशील है । उसका समर्थन करने के लिए मैं आज से अनिश्चितकाल तक अन्न को ग्रहण नहीं करुंगा। भले ही, मैं स्वयं सनातन संस्कृति का हिन्दू हूं।  

जब हम पर विपदा आती है, हम तभी  जागते हैं।
हिंदुओं को जगाने के लिए मैं आपसे प्रार्थना करता हूं कि मेरे पत्र और इस मैसेज को अपने सभी मित्रों और ग्रुप में शेयर करने की कृपा करें । आपका आभारी रहूंगा । 

आपका मंगल हो । 
आचार्य सत्यनारायण पाटोदिया

जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का विरोध बढ़ता जा रहा है।  मुंबई,अहमदाबाद और दिल्ली में जैन समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया समेत भारत के सभी बड़े छोटे शहरों में आंदोलन जारी है । समाज के लोग दिल्ली के प्रगति मैदान और इंडिया गेट पर भी  इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों के एक डेलिगेशन ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन दिया है।जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को टूरिस्ट प्लेस बनाए जाने का विरोध कर रहे जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज ने प्राण त्याग दिए। उनकी मृत्यु से न सिर्फ जैन समाज बल्कि हर धर्म समुदाय के लोग आहत और दुखी हैं।इस फैसले के विरोध में आध्यात्मिक चिंतक सत्यनारायण पाटोदिया ने भी  सम्मेद शिखर जी के लिए अनिश्चित काल के लिये अन्न का त्याग करने कर दिया।  

क्या कहना है आंदोलन करने वालों का 
 प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो झारखंड सरकार के सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के खिलाफ है। यह जैन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। इससे तीर्थ को नुकसान होगा। प्रदर्शनकारी झारखंड सरकार से फैसला बदलने की मांग कर रहे हैं। इस मसले को लेकर जैन समुदाय के लोग 26 दिसंबर से देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं |

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।