जिस देश के होंगे जी-20 के मेहमान, हमारे ड्राइवर बोलेंगे उन्हीं की जुबान..!

<p><em><strong>भारत जी-20 सम्मेलन के आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। इस समिट में भाग लेने जो विदेशी मेहमान आएंगे, उनकी भारत यात्रा का अनुभव शानदार बनाने के लिए भारत सरकार एक खास ट्रेनिंग कैंपेन चला रही है।</strong></em></p>

जिस देश के होंगे जी-20 के मेहमान, हमारे ड्राइवर बोलेंगे उन्हीं की जुबान..!
02-12-2022 - 06:53 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारत को 1 दिसंबर 2022 से जी-20 की अध्यक्षता मिली है इसलिए सरकार ने सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टैक्सी/कैब/कोच चालकों के एक बैच को बाकायदा ट्रेनिंग दे कर उन्हें सर्टिफिकेट दिये गए। यह प्रशिक्षण पर्यटन मंत्रालय की ओर से दिया जा रहा है। पहले बैच में 299 वाहन चालकों (ड्राइवरों) को ट्रेनिंग दी गई, जिसमें 134 महिलाएं थीं। इन्हें लगभग 16 घंटे की ट्रेनिंग दी गई है, जिसमें एक विदेशी भाषा में संवाद एवं बातचीत का व्यावहारिक ज्ञान, व्यवहार कुशलता से लेकर शिष्टाचार तक पर जोर दिया जा रहा है। पहले राउंड में अरबी, फ्रेंच एवं जर्मन भाषा की ट्रेनिंग दी गई। आने वाले समय में अन्य विदेशी भाषाओं को शामिल किया जाएगा।
एक-एक लाइन में कामचलाऊ बातचीत की ट्रेनिंग
सूत्रों के मुताबिक, विदेशी भाषा के तौर पर इन्हें इतनी जानकारी दी जा रही है कि यह सामान्य बातचीत कर सकें जिसमें एक-एक पंक्ति में अभिवादन से लेकर कामचलाऊ बातचीत शामिल हैं। मसलन आप कैसे हैं, आपको क्या चाहिए, आपको कोई तकलीफ तो नहीं है? इसी तरह से इन्हें कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए निजी एवं वर्किंग प्लेस की साफ-सफाई, दिल्ली में पर्यटक महत्व के स्थान और सामान्य शिष्टाचार की जानकारी दी जा रही है। दिल्ली में पर्यटन स्थल, प्राथमिक चिकित्सा, कोविड प्रोटोकॉल और विदेशी भाषा आदि की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
विदेशी मेहमान से उनकी भाषा में ही हो बातचीत
सरकार इस तैयारी में है कि जिस देश के मेहमान होंगे, उनका अभिवादन उन्हीं की भाषा में किया जाएगा। कैपेसिटी बिल्डिंग का यह कार्यक्रम मंत्रालय की ओर से आईटीडीसी ने आयोजित किया था। इस ट्रेनिंग कार्यक्रम के लिए जिन ड्राइवरों को चुना गया था, उन्हें ट्रेनिंग के दौरान उनके काम के हुए हर्ज को देखते हुए 300 रुपये रोजाना का स्टाइपेंड भी दिया गया। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना था कि पहले बैच में दिल्ली के ड्राइवर्स को रखा गया, आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों को ध्यान में रखते हुए दूसरे भी लोगों को ऐसी ट्रेनिंग एवं दूसरी भाषाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अलग-अलग इलाकों के ड्राइवरों को मिलेगा प्रशिक्षण

इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री के एक्सपर्ट प्रशिक्षण दे रहे हैं। वहीं, ट्रेनिंग से जुड़ी बुकलेट भी मुहैया कराई जा रही है। पहले बैच की ट्रेनिंग के संपन्न होने के मौके पर पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी भी मौजूद थे। इस मौके पर उनका कहना था कि इस ट्रेनिंग का मकसद टैक्सी एवं कैब ड्राइवरों के निजी और व्यावसायिक कौशल को तराशना है ताकि वो घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत कर सकें। रेड्डी ने अपने देश के टैक्सी/कैब ड्राइवरों को भारत के पर्यटन स्थलों के प्रचार ब्रैंड एंबेसडर करार दिया।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।