तबाही का दूसरा नाम होगी ये रूसी पनडुब्बी, छोड़ेगी 12 बैलेस्टिक मिसाइलें!
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रूस ने बैलेस्टिक मिसाइल पनडुब्बी का लेटेस्ट डिजाइन सार्वजनिक कर दिया है। इसे आर्कटुरस नाम दिया गया है। इस हथियार को एक तारे के नाम पर ये नाम मिला है। इस पनडुब्बी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये पहली नजर में तो यह किसी जैसी एयरक्राफ्ट लगती है। विशेषज्ञों की मानें तो ये रूस की अब तक की सबसे एडवांस्ड पनडुब्बी है। ये ऐसे समय में सबके सामने आई है, जब यूक्रेन के साथ जंग जारी है और रूस को खासा नुकसान उठाना पड़ा है।
दुश्मन को नहीं होगी खबर
इस जहाज का ढांचा ऐसा है कि ये एक्टिव सोनार को भी मात दे सकता है। इस पनडुब्बी में 12 परमाणु बैलेस्टिक मिसाइलों को फिट किया जा सकता है। लेकिन, इसमें एक ट्यूबी ऐसी है जिसमें एक अंडरवॉटर व्हीकल भी फिट किया जा सकता है। इसके फिट होने के बाद पनडुब्बी की क्षमता मल्टी रोल तक हो जाएगी।
सबसे लंबी पनडुब्बी
पिछले दिनों रूस की नेवी को दुनिया की सबसे लंबी पनडुब्बी मिली है। बेलगोरोड नामक की ये पनडुब्बी एक स्कूल बस के बराबर न्यूक्लियर टॉरपीडो से लैस है। बताया जा रहा है कि ये पनडुब्बी समुद्र में रेडियोएक्टिव सुनामी तक ला सकती है। पनडुब्बी 184 मीटर लंबी है। कहा जा रहा है कि ये पिछले 30 साल में बनने वाली अब तक की सबसे बड़ी पनडुब्बी है। 30 हजार टन वजनी इस पनडुब्बी में 80 फुट के छह पोसाइडन न्यूक्लियर टॉरपीडो ड्रोन लगे हैं, जिनमें 100 मेगाटन न्यूक्लियर पेलोड भरा है। ये हथियार इतने घातक हैं कि इनके फटने से समुद्र का पानी 500 मीटर ऊंचे तक उछल सकता है जो एक बड़ी लहर पैदा करने के लिए काफी है।
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