नये सिस्टम से नपेंगे रेलवे के हजारों निकम्मे अधिकारी
NULL
रेलवे के निकम्मे अधिकारियों की अब खैर नहीं है। रेलवे ने आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के मूल्यांकन सिस्टम की तरह एक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत रिपोर्टिंग अधिकारियों का मूल्यांकन उनके साथी और जूनियर अधिकारी कर सकेंगे। इससे न केवल भारतीय रेलवे की कार्य संस्कृति में बदलाव आएगा बल्कि कुछ अधिकारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का रास्ता भी तैयार होगा।
एक अधिकारी ने कहा कि इसके तहत करीब 20,000 अधिकारी जांच के दायरे में आएंगे। पिछले साल जुलाई में रेल मंत्री बनने के बाद अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों से साफ कहा था कि काम करो या घर बैठो। पिछले एक साल में रेलवे के कई अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जा चुका है।
आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के लिए लागू 360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली से प्रेरित होकर भारतीय रेलवे ने अब एक ऐसी प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें समकक्षों और अधीनस्थों को भी अपने रिपोर्टिंग अधिकारियों का मूल्यांकन करने की छूट होगी।
कैसे होगा आकलन
रेलवे बोर्ड के इस आदेश के मुताबिक, ‘हरेक अधिकारी के लिए हर साल उसके रिपोर्टिंग प्राधिकारी और उसके सभी अधीनस्थों को एक लिंक भेजा जाएगा। उनसे मिले फीडबैक को अधिकारी के डेटा बेस में गुमनाम रूप से दर्ज किया जाएगा। इसमें यह नहीं पता लगाया जा सकेगा कि किस वरिष्ठ या अधीनस्थ ने क्या फीडबैक दिया है।’
What's Your Reaction?