प्याज की बढ़ती कीमतें: निर्यात में उछाल से घरेलू बाजार पर असर
प्याज की बढ़ती कीमतें एक बार फिर से आम उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही हैं, और खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें देश के विभिन्न शहरों में 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल की कमी, निर्यात में तेजी और खराब मौसम के कारण प्याज की कीमतें बढ़ी हैं।
नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतें एक बार फिर से आम उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही हैं, और खुदरा बाजार में प्याज की कीमतें देश के विभिन्न शहरों में 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल की कमी, निर्यात में तेजी और खराब मौसम के कारण प्याज की कीमतें बढ़ी हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में खरीफ फसल की गुणवत्ता कमज़ोर रहने के कारण पुरानी और महंगी फसल की मांग बढ़ गई है, जिससे कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
नासिक में प्याज की कीमतों में तेजी
इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार, नासिक के पिंपलगांव बाजार में प्याज की कीमतें पिछले 15 दिनों में 51 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गई हैं। इस अवधि में औसत कीमतें भी बढ़कर 58 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई हैं। बांग्लादेश द्वारा आयात शुल्क हटाने के कारण भारतीय प्याज का निर्यात बढ़ा है, जिससे घरेलू आपूर्ति पर असर पड़ा है। व्यापारियों को उम्मीद है कि 8-10 दिनों में नई फसल की आवक से कीमतें कम हो सकती हैं।
पांच साल के उच्चतम स्तर पर प्याज की कीमतें
पिछले सप्ताह नासिक के लासलगांव बाजार में प्याज की कीमतें पिछले पांच वर्षों के उच्चतम स्तर 54 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गईं। दिवाली के दौरान देशभर में थोक बाजार बंद रहने और आपूर्ति में कमी के कारण पिछले हफ्ते कीमतों में 30-35% की वृद्धि हुई।
आवक में कमी और निर्यात में बढ़ोतरी
बागवानी उत्पाद निर्यातक संघ के उपाध्यक्ष विकास सिंह के अनुसार, पुरानी फसल की समाप्ति और नई फसल में देरी के कारण आवक कम हो गई है। इसके अतिरिक्त, बांग्लादेश ने अपने देश में प्याज की कीमतें नियंत्रित करने के लिए 15 जनवरी तक आयात शुल्क हटा दिया है, जिससे भारत से प्याज का निर्यात तेज़ी से बढ़ा है। भारत में भी सितंबर में प्याज पर निर्यात शुल्क को घटाकर 20% किया गया, जिससे निर्यात में वृद्धि हुई।
कीमतों में राहत की संभावना
कुछ बाजारों में नई फसल की आवक शुरू हो चुकी है, जिससे जल्द ही महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में भी प्याज की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि नवंबर के अंत तक थोक बाजारों में प्याज की कीमतें करीब 30 रुपये प्रति किलो तक आ सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिल सकेगी।
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